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Shahjahanpur News: तूदाबंदी के लिए दस हजार की रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ा

Wed, 01 Jul 2026 03:15 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर की सदर तहसील में तैनात लेखपाल योगेश तिवारी को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल ने तूदाबंदी के मामले में एक व्यक्ति से रिश्वत ली थी।
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आरोपी लेखपाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शाहजहांपुर में खेत की तूदाबंदी के लिए बुधवार को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते सदर तहसील के लेखपाल योगेश तिवारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ब्यूरो) की बरेली की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। टीम लेखपाल और शिकायतकर्ता को साथ लेकर मीरानपुर कटरा थाने पहुंची। वहां लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने पहुंचकर योगेश को साजिशन फंसाने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया। वहीं देर शाम लेखपाल योगेश को एसडीएम सदर संजय पांडेय ने निलंबित कर दिया।

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योगेश कुमार तिवारी पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी उत्तरी का रहने वाला है। चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बाबूजई निवासी शाकिर अली ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि उनकी मां दिलशाद बानो के खेत की तूदाबंदी करने के एवज में लेखपाल योगेश 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।

सूचना मिलने पर ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने जाल बिछाया। दोपहर करीब 12:30 बजे नया बाइपास फ्लाईओवर के पास शिकायतकर्ता लेखपाल के बुलाने पर रिश्वत की रकम देने पहुंचा। जैसे ही शाकिर अली ने लेखपाल को रुपये दिए, टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद उसे और शाकिर को लेकर टीम मीरानपुर कटरा थाने पहुंची। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि लेखपाल की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उसके खिलाफ मीरानपुर कटरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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30 हजार की थी मांग, दस हजार में तय हुआ था सौदा
खेत की नाप करने के लिए लेखपाल योगेश तिवारी करीब सात महीनों से शाकिर अली को दौड़ा रहा था। उसने 30 हजार रुपये की मांग की थी। पहली किस्त के रूप में दस हजार रुपये देते ही भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम ने उसे दबोच लिया।

खेतीबाड़ी करने वाले शाकिर अली की पैतृक जमीन शहर के मोहल्ला ककरा इलाके में है। उनकी मां दिलशाद बानो के नाम पर दर्ज जमीन की पैमाइश के लिए तहसील में आवेदन के बाद शाकिर को लेखपाल सात महीनों से टरका रहा था। आरोप है कि उसने पैमाइश कर मेड़बंदी करने के लिए उनसे 30 हजार रुपये मांगे। परेशान होकर शाकिर अली ने बरेली में भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम से संपर्क साधा।

फ्लाईओवर बाइपास के पास से हुई गिरफ्तारी 
टीम के कहने पर लेखपाल की बात मानकर पहली किस्त के रूप में दस हजार रुपये की बात तय हुई थी। मंगलवार को लेखपाल ने शाकिर को कॉल कर बुधवार को रुपये लेकर बुलाया था। बुधवार को लेखपाल ने उसे कई बार कॉल भी की। फ्लाईओवर बाइपास के पास खोखों और दुकानों में बैठी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ एक राजस्वकर्मी भी था जिसके खिलाफ शिकायत न होने पर उसे जाने दिया गया।

लेखपाल के हाथ धुलाने पर पानी रंगीन हो गया। शाकिर अली ने बताया कि लेखपाल ने पड़ोसी अब्दुल मोबिन, राम लखन व एक अन्य की जमीन की पैमाइश कर दी थी, लेकिन उनके कार्य को सात महीने से अटकाए हुए था। शाकिर के मुताबिक, योगेश को शक था कि वह उसकी रिकॉर्डिंग करता है इसलिए वह उसका फोन भी चेक करता था।
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24400 रुपये हुए बरामद
एंटी करप्शन टीम ने योगेश तिवारी के पास से 24,400 रुपये बरामद किए हैं। इसमें दस हजार रुपये वह हैं, जो शाकिर अली ने दिए थे। शेष रुपये की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण बरामदगी में शामिल किया गया है। वहीं, थाने में लेखपालों की भीड़ बढ़ने पर शाकिर अली को गोपनीय स्थान पर बैठा दिया गया। शाकिर ने अपना फोन भी बंद कर लिया। इस बीच टीम ने भी स्पष्ट मना कर दिया कि शाकिर उनके पास नहीं है। कई बार शाकिर अली बाहर आए, लेकिन लोगों को गुमराह करते हुए अपना नाम नीरज बताया।

लेखपाल संघ ने साजिश बताया
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने योगेश तिवारी को पकड़े जाने को साजिश बताया। उन्होंने बताया कि मेड़बंदी के लिए भूलेख निरीक्षक जोगेंद्र सिंह से कार्रवाई होनी थी। मेड़बंदी के मामले में लेखपाल योगेश तिवारी का कोई लेना-देना नहीं था। थाने में लेखपाल उग्रसेन, राकेश कुमार, आलोक कुमार, चंद्रजीत यादव आदि मौजूद रहे। 
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