शाहजहांपुर। साइबर ठग गिरोह के एक और सदस्य बिजलीपुरा निवासी रितेश को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रितेश ने भी दूसरे प्रदेशों में बैठे साइबर ठगों को सौ बैंक पासबुक उपलब्ध कराई थीं।
14 अक्तूबर को पुलिस ने गिरोह के दस सदस्यों को गिरफ्तार किया था। ये सभी लोगों को लालच देकर खाते खुलवाने के बाद उनका उपयोग साइबर ठगी में करते थे। उनके पास से 32 बैंक पासबुक बरामद की थीं। इन खातों से 1.55 करोड़ रुपये निकाले जाने का दावा पुलिस ने किया था। इस दौरान गिरोह का नेटवर्क भारत के 14 राज्यों से जुड़े हाेने का तथ्य सामने आया था।
रविवार को पुलिस ने मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी रितेश प्रताप सिंह को नए गर्रा पुल के पास गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से साइबर ठगी में उपयोग होने वाली पासबुक, आधार कार्ड समेत अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि रितेश की जेल में पूर्व से परिचित बालिस्टर से मुलाकात हुई थी। हुसैनपुरा का चंदन मिश्रा भी जेल में ही उससे मिला था। तीनों के मध्य धंधे को लेकर चर्चा हुई थी।
जेल से छूटने के बाद चंदन ने उससे फिर मुलाकात की थी। इसके बाद उसने बंगाल, बिहार और कई राज्यों में सरगना से तालमेल बैठाकर बैंक से धोखाधड़ी के काम को आगे बढ़ाया। उसने रितेश को पीछे कर अपना गैंग खड़ा कर लिया था।
दो से तीन हजार रुपये देकर फंसाते थे जाल में
-रितेश ने पुलिस को बताया कि उसने करीब सौ लोगों के खाते खुलवाए थे। इसके लिए लोगों को लालच देकर दो से तीन हजार रुपये दिए थे। उनके डेबिट कार्ड व सिम को चंदन के साथ मिलकर बिहार के पटना के गणेश कुमार और मुसल्लमपुर के आदित्य राज व कंकरबाग के राहुल सिंह, पश्चिम बंगाल के कांकिनारा के गणेश शाह को कोरियर किए थे।
हेरफेर कर फर्जी आधार कार्ड भी बनाते थे
-लोगों से उनका आधार कार्ड लेकर उनके नाम, नंबर, फोटो आदि से फर्जी आधार कार्ड भी आरोपी बना लेते थे। इनका उपयोग बिहार, पश्चिम बंगाल के साइबर ठग करते थे। आधार के जरिये मोबाइल नंबर लेकर खाता खुलवा लेते थे। इन्हीं में बिहार, पश्चिमी बंगाल से धोखाधड़ी कर आने वाले रुपयों को ट्रांसफर कराते थे। रीतेश ने पुलिस को बताया कि उसने अपने परिचित रोशन निवासी हुसैनपुरा के कागजात में फर्जीवाड़ा कर आधार कार्ड और पैन कार्ड तैयार किया था।
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अवैध कारोबार को बढ़ाने के लिए चंदन ने रखी थी बैठक
-आरोपी ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले कारोबार को बढ़ाने के लिए चंदन ने एक बैठक रखी थी। इसमें फर्जीवाड़े के कारोबार से जुड़े सभी लोगों को बुलाया था, लेकिन वह खुद, राज गुप्ता और बालिस्टर बैठक में नहीं पहुंचे थे। वहीं पुलिस ने छापा मारकर चंदन, मोहन सक्सेना, समीर गुप्ता, अभिषेक यादव, अनुभव गौतम, केशव केवट, जावेद हसन, अर्जुन, करन राजपूत, मोनू रस्तोगी को गिरफ्तार कर लिया था।
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जिले में खुलवाए गए हैं करीब 200 खाते
-चौक कोतवाली पुलिस की जांच में गिरोह के सदस्यों द्वारा जिले में करीब दो सौ खाते खुलवाने की बात सामने आई है। जांच में 32 खाते ऐसे मिले हैं, जिनसे एक करोड़ 55 लाख रुपये निकाले गए हैं। शेष खातों का रिकार्ड भी पुलिस तलाश रही है।