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साहस के साथ मैदान में डटीं हैं आंगनबाड़ी वर्कर, एएनएम और आशाएं

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शाहजहांपुर। पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। ऐसी विषम परिस्थितियों में एएनएम, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, महिला पुलिसकर्मी, महिला डॉक्टर आदि साहस के साथ पीड़ितों की मदद में लगी हैं। कोरोना संक्रमण के प्रबंधन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। क्वारंटीन के घर पोस्टर चस्पा करना हो या केंटन्मेंट जोन में सर्वे का काम। सभी कामों में इन वर्कर की ड्यूटी लगाई जाती है। इन दिनों विशेष सर्विलांस अभियान भी इन्हीं के भरोसे चलाया जा रहा है। इस अभियान में लगभग 434 एएनएम, 2500 आशा और आंगनबाड़ी वर्कर मैदान में डटी हुई हैं। इनके ऊपर स्वास्थ्य विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 553156 घरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी डाल रखी है।
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डरेंगे तो काम कैसे करेंगे
घर-घर जाकर सर्वे करना बहुत कठिन काम है, फिर भी ड्यूटी तो करनी ही पड़ती है। अगर डरेंगे, तो काम कैसे हो पाएगा। लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं, यही शिकायत है। जिन मोहल्लों को कंटेंमेंट जोन बनाया गया है, वहां भी जाना पड़ता है।
नंदी देवी, आंगनबाड़ी वर्कर
डर के आगे जीत है
सर्वे में यदि लोग सहयोग करने लगें, तो काम मुश्किल नहीं है। सर्विलांस अभियान का सुपरविजन करने से पता चलता है कि काम कोई आसान नहीं होता। हालांकि विभाग ने मास्क और सैनिटाइजर दे रखे हैं। आखिर डर के आगे ही तो जीत है।
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अमिता गुप्ता, एएनएम
पैसों का नहीं, जीवन का है महत्व
वैसे तो विभाग ने एक हजार रुपये भी देने को कहा है, लेकिन इस समय पैसों का नहीं जीवन का महत्व है। समाज में सभी स्वस्थ रहें, इसी लिए हमलोग घर-घर बीमार लोगों को चिन्हित कर रहे हैं, जिससे उनका इलाज कराया जा सके।
मिथिलेश गुप्ता, आशा वर्कर
सभी को दिए मास्क और सैनिटाइजर
सर्विलांस अभियान कोरोना के खिलाफ निर्णायक साबित होगा, क्योंकि इसके माध्यम से हम घर-घर खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत महसूस करने वालों को चिन्हित करा रहे हैं। टीमों की सभी सदस्यों को मास्क और सैनिटाइजर भी विभाग की ओर से दिए गए हैं।
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- डॉ. लक्ष्मण सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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