17 मई को अमर उजाला में प्रकाशित खबर। संवाद
शाहजहांपुर। अमृत योजना 2.0 के तहत पाइप लाइन डालने में लापरवाही करने वाली मैसर्स ओम इंफ्रा लिमिटेड एजेंसी के कर्मचारियों के विरुद्ध एडीएम प्रशासन के निर्देश पर जल निगम की ओर से थाना सदर बाजार में तीन तहरीर दी गईं हैं। पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है। अमर उजाला ने भी 17 मई के अंक में ‘खोदकर डालीं सड़कें, काम की रफ्तार धीमी...फर्म पर 81 लाख का जुर्माना’ शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था।
जल निगम के जेई हितेश कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि जयपुर (राजस्थान) की मैसर्स ओम इंफ्रा लिमिटेड एजेंसी ने पांच मई 2025 से कार्य शुरू करना था और 18 मई 2027 को काम समाप्त की निर्धारित तिथि थी। फर्म ने अक्तूबर 2025 से पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया। फर्म ने मक्कू बजरिया, तिलहरजई और ककराकलां में लगभग 18 किमी पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया।
ऐसे में फर्म की ओर से मात्र 15 किमी सड़क की मरम्मत का कार्य किया गया। फर्म की ओर से लापरवाही की गई। फर्म के इंजीनियर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाए। इस तरह से अलग-अलग क्षेत्र के जेई ने दो और तहरीर दी हैं। इसमें कार्य में लापरवाही करने और मरम्मत का कार्य पूरा नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में जल निगम एक्सईएन मोहम्मद अयाज ने एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र से मुलाकात की। उन्होंने सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार को फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। एडीएम प्रशासन ने बताया कि फर्म के लापरवाही बरतने के कारण शहर की जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। फर्म के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।