खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार के गांव रौतापुर कलां में घर की बैठक में सो रहे बुजुर्ग की सिर पर भारी वस्तु से कई प्रहार कर हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह परिजनों की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। बेटे ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बृहस्पतिवार रात परिजनों के साथ खाना खाने के बाद रामसेवक मिश्रा (65) बैठक में जाकर सो गए। बेटे आलोक मिश्रा, पुत्रवधू शशि मिश्रा, पौत्री रिया और पौत्र कृष्णा अन्य कमरे में सोने चले गए। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे बहू शशि झाड़ू लगाने के लिए कमरे में गईं तो ससुर का खून से सना शव पड़ा देखकर शोर मचाया। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि रामसेवक की सिर कूंचकर हत्या की गई है। इसके बाद आलोक मिश्रा ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। कार्यवाहक थाना प्रभारी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली।
एसपी राजेश एस., एसपी ग्रामीण मनोज कुमार अवस्थी, सीओ निष्ठा उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। फाेरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए। रामसेवक की हत्या की जानकारी पाकर पहुंची बेटी गांव महुआ गुंदे निवासी अनुपम और दामाद कमल मिश्रा ने परिजनों पर ही हत्या का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की। आलोक की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है। परिवार के एक व्यक्ति और एक रिश्तेदार के अलावा एक अन्य युवक पर शक की सुई है। पुलिस जल्द ही घटना का खुलासा कर सकती है।
28 अक्तूबर को भी रहस्यमय हालात में लगी थी चोट
रामसेवक के नाम गांव के पास ही नौ बीघा जमीन है। पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली है कि उनकी अपने पुत्र और बहू से कुछ मामलों को लेकर अनबन रहती थी। रामसेवक सात-आठ महीने से पुत्री अनुपम के घर गांव महुआ गुंदे में रह रहे थे। नवरात्र में वह घर आए थे। 28 अक्तूबर को टिनशेड में लेट थे। रात में उनके सिर पर चोट लग गई थी। जानकारी पाकर आई पुत्री ने गले में रस्सी के निशान और सिर पर चोट होने पर तमाम आरोप लगाए थे। रामसेवक ने चोट कैसे लगी, इस बारे में पुत्री सहित किसी को कुछ नहीं बताया था। पिता की हत्या की जानकारी पाकर पति के साथ पहुंची पुत्री ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन आरोप लगाया कि पिता की हत्या की गई है। अनुपम का यह भी कहना था कि पिता अपनी जमीन उसके नाम करना चाहते थे, लेकिन उसने साफ मना कर दिया था।
सीधे स्वभाव के रामसेवक की नहीं थी किसी से रंजिश
जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे तमाम लोग रामसेवक की हत्या से हैरान थे। लोगों का कहना था कि रामसेवक बेहद सीधे थे, उनकी किसी से रंजिश भी नहीं थे, ऐसे में उनकी हत्या कोई क्यों करेगा? पुलिस को भी लोगों ने रामसेवक के स्वभाव के बारे में बताया। समझा जाता है कि हत्या में रामसेवक के किसी खास का ही हाथ है। पुलिस भी इस बिंदु पर जांच कर रही है।
घर के बाहर तक मिले खून के निशान, हत्यारे के घर के अंदर से आने का संदेह
मकान की बैठक वाले कमरे में चारपाई पर रामसेवक की हत्या हुई। उसके मुख्य दरवाजे से लेकर मकान के बाहर तक खून के निशान मिले हैं। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि खून के निशान बाहर तक कैसे गए? क्या हत्या करने वाले के कपड़ों में खून लग गया, जिससे निशान बाहर तक पहुंचे? रामसेवक जिस बैठक में लेटे थे, उसका बाहर का दरवाजा है, लेकिन घर के अंदर की ओर दरवाजा नहीं लगा है। उनके घर के एक ओर दूसरे की जगह में पतला सा रास्ता है, इस रास्ते की ओर रामसेवक की दीवार बेहद छोटी है। दीवार के ऊपर की दो ईंटें नदारद हैं और दीवार पर किसी के चढ़ने से पैरों के निशान भी बने मिले हैं। समझा जाता है कि इसी दीवार से अंदर आने के बाद ईंट का प्रहार कर रामसेवक की हत्या की गई।रात में किसी ने रामसेवक की चीख-पुकार नहीं सुनी। सुबह जागने के बाद कमरे में पहुंचने पर हत्या का पता चल सका। इसको लेकर भी तमाम चर्चाएं हैं।
पुलिस की लापरवाही से तमाम सुबूत नष्ट होने की आंशका
रामसेवक हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। सुबह पांच बजे हत्या का पता लगने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शव के पास जाने से नहीं रोका। पांच घंटे बाद दिन में दस बजे फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंची तब क्राइम सीन का फीता लगाकर लोगों का आना-जाना रोका गया। पांच घंटे तक लोग शव के पास और घटनास्थल पर आराम से घूमते रहे, इससे तमाम सुबूत नष्ट होने की आंशका है।
तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
- मनोज कुमार अवस्थी, एएसपी ग्रामीण शाहजहांपुर
वृद्ध की पुत्रवधू से पूछताछ करतीं सीओ निष्ठा उपाध्याय। संवाद
वृद्ध की पुत्रवधू से पूछताछ करतीं सीओ निष्ठा उपाध्याय। संवाद
वृद्ध की पुत्रवधू से पूछताछ करतीं सीओ निष्ठा उपाध्याय। संवाद