कलान में हादसे के बाद रोते-बिलखते मृतकों के परिजन। स्रोत: जागरुक पाठक
कलान। गांव तिलौआ 11 साल की वंदना और दस साल के शैलेश की डूबने से मौत होने के बाद मातम छाया है। रविवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाएं तो चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
खेतीबाड़ी करने वाले रामसरन की सबसे छोटी बेटी वंदना गांव के स्कूल में कक्षा चार में पढ़ती थी। शनिवार को वंदना, शैलेश बाबू, सती, गौरव, पारो, सबूरवती बकरी चराने गई थी। हवला नदी में किनारे नहाते समय वंदना और शैलेष गहरे पानी में चले गए। अन्य बच्चों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। हादसे के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां वंदना और शैलेष को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को गांव ले जाया गया। शव पहुंचने पर वंदना के पिता रामसरन, मां कैलाशो, भाई अवनीश, रजनीश, अनुज, रानू, भानु और रंजना बिलख पड़े। इसी तरह शैलेष की मां के आंसू नहीं थम रहे थे। पिता अमरपाल, मां मीना, भाई अक्षय भी गमजदा हैं। दोनों के शवों को दफन कर दिया गया। उनकी मौत से गांव में मातम पसरा है।
कलान में हादसे के बाद रोते-बिलखते मृतकों के परिजन। स्रोत: जागरुक पाठक
कलान में हादसे के बाद रोते-बिलखते मृतकों के परिजन। स्रोत: जागरुक पाठक