अमदपुर निवाजपुर में अमृत सरोवर की सफाई करते सफाई कर्मी। संवाद
रोजा। अहमदपुर निवाजपुर में बने अमृत सरोवर की बदहाली दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। अमर उजाला ने दो अक्तूबर के अंक में डेढ़ करोड़ की लागत से बने सरोवर का सूख रहा अमृत शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। नगर निगम ने इसका संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को टूटा हुआ गेट लगवा दिया। सरोवर का पानी निकलवाकर सफाई का कार्य भी निगमकर्मियों ने शुरू करा दिया है।
देखभाल न होने के कारण तीन वर्षों के अंदर ही अमृत सरोवर अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। अमृत सरोवर में गंदा पानी भरा हुआ था। सरोवर की सीढ़ियों पर रखे भारी भरकम गमले गायब हो गए हैं। अमृत सरोवर में लगा छोटा गेट नदारद है। चहारदीवारी में लगी फैंसी लाइट रेलिंग व सेल्फी प्वाइंट के किनारे लगी लोहे की ग्रिल तक गायब हो चुकी हैं।
मुख्य गेट पर लगा ग्रेनाइट का पत्थर भी लोग उखाड़ कर ले गए। अमृत सरोवर की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम के अधिकारी बृहस्पतिवार की शाम अमृत सरोवर पहुंचे। उन्होंने टूटा गेट ठीक कराकर अमृत सरोवर की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। शनिवार की सुबह 10-12 सफाई कर्मियों ने पार्षद के पति अरुण सिंह की देखरेख में सफाई की।
अमदपुर निवाजपुर में अमृत सरोवर की सफाई करते सफाई कर्मी। संवाद