शाहजहांपुर। मदनापुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने सवाल उठाया है। पुलिस ने सात सितंबर को लालू व एक अन्य व्यक्ति को अफीम के साथ पकड़ने का दावा करते हुए जेल भेजा था। अमिताभ ठाकुर ने एक वीडियो जारी कर मामले को फर्जी बताते हुए जांच की मांग की। सीओ सिटी को जांच दी गई है।
सात सितंबर को मदनापुर पुलिस ने चौहान ढाबा के पास हरे रंग की कार से अंशू गुप्ता निवासी गांधीनगर थाना जलालाबाद व लालू निवासी ढुकरी कलां मदनापुर को गिरफ्तार किया था। अफीम बरामद होने का दावा करते हुए जेल भेजा गया था। अमिताभ ठाकुर ने एक वीडियो जारी करते हुए शाहजहांपुर पुलिस को टैग किया है। उन्होंने गिरफ्तारी को फर्जी करार दिया है। दावा है कि वीडियो में दिख रहा कि दोपहर 3.45 बजे पुलिस ने लालू को कार में बैठाया और डेढ़ घंटे के बाद अफीम में पकड़े जाना दिखा दिया। रिटायर आईपीएस द्वारा मामले को उठाने के बाद एसपी एस.आनंद ने सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह को जांच सौंप दी है।
प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। हमने कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। - अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी
वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि लालू को कार में बैठाकर कुछ लोग ले जा रहे। डेढ़ घंटे के बाद उसकी अफीम के साथ गिरफ्तारी दिखा दी। यह फर्जी मामला प्रतीत हो रहा है। जरूरत पड़ी तो शाहजहांपुर आकर एसपी से मिलकर मामले को उठाएंगे। - अमिताभ ठाकुर, रिटायर आईपीएस