फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमीन के हड़काने पर अधेड़ महिला की मौत का आरोप

Mon, 16 May 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
दिलावरपुर देवकली गांव में दो दिन पहले एक अधेड़ महिला तारावती की मौत हो गई थी। आरोप है कि तारावती की मौत आरसी की वसूली को पहुंचे अमीन के हड़काने पर हुई। इसकी सूचना देने के बाद भी किसी अधिकारी ने मौका मुआयना नहीं किया। उधर, दो दिन बीतने के बाद भी प्रशासन के अधिकारी घटना की जानकारी होने से अनभिज्ञता जता रहे हैं। दिलावरपुर देवकली में दो वर्ष पहले ग्राम समाज की भूमि से नाली निकास के विवाद पर तत्कालीन एसडीएम सदर जयनाथ यादव ने लेखपाल, कानूनगो तथा पुलिस के साथ गांव जाकर मौका मुआयना किया था। नाली के सहारे तालाब तक पहुंचे एसडीएम ने पाया कि ग्राम समाज की भूमि पर स्थित तालाब के काफी हिस्से को पाटकर कई ग्रामीणों ने मकान बना लिए हैं। इस संबंध में एसडीएम ने गांव के शंकरलाल, रामप्रसाद, तारावती, हरिओम, राधेश्याम, नरेश, मंगली, मलिखान, शिशुपाल, तेजराम, रामनाथ, हरीपाल, श्रीराम, जदुनंदन, देवनरायन, रामसागर, राकेश विक्रम, संजीव, भाईलाल, छविनाथ, प्रदीप, लालाराम, रामभरोसे, बाबूराम समेत 32 व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की वसूली के लिए तहसील स्तर से रिकवरी सर्टिफिकेट जारी हुए तो अमीन ने वसूली के लिए दबाव बनाना शुरू किया। ग्रामीणों ने आरसी से छुटकारा पाने की आस में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम आदि के नाम प्रार्थना पत्र देकर गुहार भी लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई। ग्रामीणों को मुताबिक आरसी की वसूली को लेकर पहले भी दो लोगों की जान जा चुकी है। वहां की तारावती के नाम 1.60 लाख रुपये की आरसी जारी हुई थी। इसकी वसूली को लेकर 52 वर्षीय तारावती परेशान थीं। ग्रामीणों के अनुसार उनका बेटा अश्विनी दिल्ली में मजदूरी करता है। बृहस्पतिवार को गांव पहुंचे संग्रह अमीन ने तारावती से आरसी की रकम जमा करने को कहा। बेटी रामसीता के अनुसार अमीन के सख्ती दिखाने पर उसकी मां तारावती बहुत डर गई थीं।  
विज्ञापन


तारावती मौत प्रकरण की कराएंगे जांच
दिलावरपुर देवकली में एसडीएम द्वारा किए गए जुर्माना के आधार पर आरसी जारी हुई थी। वसूली के दौरान धनराशि देने में आनाकानी करने पर बकाएदारों से सख्ती से पेश आना पड़ता है। इसका मकसद दहशत जदा करना नहीं बल्कि सरकारी खजाना भरना होता है। जुर्माने के देनदार ग्रामीणों की मौत का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया। क्षेत्र के संग्रह अमीन से जानकारी लेकर जांच कराएंगे।  
विज्ञापन

- ओंकार नाथ वर्मा, तहसीलदार, सदर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें