पुवायां। लगातार बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हो रहा है। ऐसे में वह फसलों के नुकसान का सर्वे कराने और मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग अधिकारियों पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर भड़ास निकाल रहे हैं। कह रहे हैं कि जिस सेटेलाइट के जरिये जलती पराली देखकर वह किसानों को पकड़ने आते जाते हैं, वह अब बारिश से नष्ट हो रही फसलों को देखने क्यों नहीं आ रहे हैं।
बारिश और हवा से धान गिरने के बाद काला पड़ने लगा है। किसान और तमाम अन्य लोग भी फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाटसएप पर पोस्ट डालकर अधिकारियों पर सवाल खड़े रहे रहे हैं। कह रहे हैं कि फसलों में नुकसान का सर्वे क्यों नहीं कराया जा रहा है और मुआवजे की घोषणा क्यों नहीं की जा रही है।
सोशल मीडिया पर चल रहे कमेंट्स
- एक सवाल! जलती पराली देखकर तुरंत पहुंचने वाले अधिकारी अब धान और गन्ने की गिरी और बर्बाद फसल और किसान का जलता कलेजा देखने क्या उतनी ही जल्दी पहुंचेंगे? - जसविंदर सिंह मान
- किसान एक ऐसा खिलौना है, जिसे कभी राजनीति खेलती है, तो कभी प्रकृति। -पुरुषोत्तम मिश्रा, उमरिया
- सरकार से विनम्र प्रार्थना है कि जिस सेटेलाइट से जलती हुई पराली देखी थी अब उसी से गिरा हुआ धान और उसमें भरा पानी जरूर देख लेना। -गिरिजा शंकर
- पराली जलाने पर किसानों पर मुकदमे दर्ज कर देते गिरेबान पकड़कर उनके साथ आतंकवादियों जैसा सुलूक करने वाले अब कहां किस बिल में दुबके बैठे हैं? निकलो जाओ और देखो किसानों की बरबाद हुई फसलों को, सर्वे करवाओ और दिलवाओ 24 घंटे में मुआवजा, है जिले के किसी अफसर में इतना साहस? -विकेश कुमार, पुवायां
- क्या एसडीएम पुवाया बारिश से बर्बाद हुई धान की फसल को सेटेलाइट के माध्यम से देख कर नुकसान हुई फसल की प्रक्रिया को शुरू किया गया या सेटेलाइट काम नहीं कर रहे? बर्बाद किसान। -संजय त्रिवेदी, खुटार