शाहजहांपुर में मच्छरों से बचाव के लिए एक गांव में छिड़काव करता कर्मचारी। स्रोत: स्वास्थ्य विभाग
शाहजहांपुर। बुखार, मलेरिया और पूर्व में डेंगू से प्रभावित रहे पांच ब्लॉकों के 122 गांवों के 35 हजार मकानों में रहने वालों के लिए सुरक्षा कवच तैयार किया जाएगा। मकानों की दीवारों पर दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
विभाग का दावा है कि इस पर बैठने के बाद मच्छर खत्म हो जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की मांग पर अल्फा-साइपरमेथ्रिन दवा की सप्लाई देने को स्वीकृति मिल गई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जिले में मच्छरजनित रोगों ने पांव पसार लिए हैं। गत वर्ष इससे ज्यादा स्थिति खराब थी। डेंगू और मलेरिया के फैलने के चलते सैकड़ों लाेगों की मौत हुई थी। ऐसे में मलेरिया और डेंगू जैसे खतरनाक रोग से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि दो वर्षों में सिंधौली, भावलखेड़ा, ददरौल, कांट और कलान में स्थिति भयावह रही है। इन ब्लॉकों के 122 गांवाें को चिह्नित करते हुए अल्फा-साइपरमेथ्रिन दवा का छिड़काव मकानों की दीवाराें पर कराया जाएगा। इससे अगले वर्ष मच्छरजनित रोगों से राहत मिल जाएगी।
पांच हजार किलो दवा की होगी आपूर्ति
-बुखार की स्थिति को देखते हुए दवा के लिए मांगपत्र उच्च अधिकारियों को भेजा था। यहां से पांच हजार किलो दवा की आपूर्ति देने की स्वीकृति मिल गई है। अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह में उन्हें खेप प्राप्त हो जाएगी। इस कार्य के लिए सुपरवाइजर, स्प्रे और घोल बनाने के लिए 36 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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-चिह्नित गांवों के लिए पांच हजार किलो दवा आने वाली है। इस दवा के जरिये दीवारों, छत आदि पर स्प्रे कराया जाएगा। दीवार के संपर्क में आने के बाद कीड़े-मकौड़े व मच्छर आदि खत्म हो जाएंगे।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ