खुदागंज (शाहजहांपुर)। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर सोमवार तड़के गंगा में स्नान के दौरान एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में दो चचेरे-तहेरे भाई, उनका भतीजा और परिवार का एक अन्य युवक डूब गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया।
मोहल्ला साहूकारा निवासी विकास सक्सेना रविवार शाम करीब सात बजे चचेरे भाई कमल, भतीजे योगेश और परिवार के ही सदस्य अवनीश के साथ पांचाल घाट के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में मोहल्ला हनुमान गली निवासी अर्जुन प्रजापति भी गंगाजल लेने के लिए उनके साथ हो लिए।
सभी देर रात फर्रुखाबाद पहुंचे। साथ में गए अवनीश ने बताया कि सोमवार तड़के गंगा में स्नान से पहले उसने घाट पर रुककर साथियों के कपड़ों की रखवाली करने का फैसला किया। सबसे पहले योगेश गंगा में उतरा। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
उसे बचाने के लिए उसके चाचा विकास गंगा में उतर गए, लेकिन वह भी गहरे पानी में जाकर डूबने लगे। विकास और योगेश को डूबता देख कमल ने दोनों को बचाने की कोशिश की। वह भी तेज बहाव में खुद को संभाल नहीं सका और गहरे पानी में चला गया।
तीनों को डूबता देखकर अर्जुन भी उन्हें बचाने के लिए गंगा में उतर गया। इसके बाद वह भी तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया। घाट पर मौजूद अवनीश यह घटनाक्रम देखकर स्तब्ध रह गया।
तड़के पांच बजे परिजनों को दी सूचना
अवनीश ने सोमवार तड़के करीब पांच बजे खुदागंज में चारों के परिजनों को फोन कर हादसे की सूचना दी। खबर मिलते ही घरों में चीख-पुकार मच गई। परिजन तत्काल फर्रुखाबाद के पांचाल घाट के लिए रवाना हो गए। सीओ विदुष सक्सेना ने बताया कि फर्रुखाबाद प्रशासन के निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम गंगा में डूबे लोगों की तलाश कर रही है।
मेहनत-मजदूरी कर चलाते हैं परिवार
गंगा में डूबे चारों युवक मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। विकास और कमल पानी-पूरी के ठेले लगाते हैं। किशोर योगेश अपने पिता प्रमोद के साथ रामसहाय चौराहे पर चाट की दुकान पर सहयोग करता है। अर्जुन दुकानों और घरों में ठंडे पानी के डिब्बों की आपूर्ति करने के साथ बरातों में दिहाड़ी मजदूरी भी करता है।