शाहजहांपुर। रबी विपणन वर्ष 2021 में समर्थन मूल्य पर एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद औपचारिक रूप से 15 जून को समाप्त हो चुकी थी। इस बीच, शासन के आदेश पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जनपद की सभी मंडियों में एक-एक क्रय केंद्र एक सप्ताह के लिए खुले रखने के निर्देश दिए थे। इस अवधि में उन सभी किसानों का गेहूं भी खरीदा गया जो अभी तक किन्ही कारणों से अपनी उपज लेकर क्रय केंद्रों नहीं पहुुंच सके थे। खरीद से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सत्र समाप्त होने के बाद सात दिन के दौरान खुले रहे पांच क्रय केंद्रों पर मंगलवार शाम तक 2400 टन अतिरिक्त गेहूं खरीदा गया और इसे मिला कर जनपद में समर्थन मूल्य पर कुल 2.92 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई।
बता दें कि खरीद सत्र की औपचारिक अवधि 15 जून तक दो लाख 89 हजार 976 टन गेहूं खरीदा जा चुका था। खास यह है कि गत वर्ष शासन से मिले 2.73 लाख टन लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख 75 हजार 519 टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस वर्ष जनपद के लिए खरीद का कोई लक्ष्य नियत नहीं हुआ।
इसके बावजूद गेहूं की बंपर पैदावार के कारण खरीद का आंकड़ा पिछले साल से बेहतर रहा। बाद में डीएम के निर्देश पर रोजा, पुवायां, बंडा, तिलहर और जलालाबाद मंडी परिसरों में मंडी समितियों के पांच क्रय केंद्र खुले रखे गए, जिन पर शेष बचे किसानों ने 2400 टन गेहूं की तौल कराई। इसे मिलाकर सरकारी खरीद का आंकड़ा बढ़कर दो लाख 92 हजार 332 टन हो गया जो कि पिछले साल की तुलना में एक लाख 16 हजार 813 टन अधिक है।
प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश पांडेय ने बताया कि दो लाख 73 हजार 23 टन गेहूं सरकारी और निजी क्षेत्र के गोदामों में भंडारित कराया जा चुका है। उनका कहना है कि क्रय केंद्रों पर शेष बचा गेहूं भी किराए पर पर लिए गए गोदामों में भराया जा रहा है। प्रभारी आरएमओ भी मानते हैं कि सरकारी खरीद की विशष अवधि समाप्त होने के बाद भी तमाम किसानों के पास गेहूं हो सकता है, लेकिन अब केवल उन्हीं किसानों ने अपने पास गेहूं रख छोड़ा है, जिनके आगे कोई आर्थिक समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि बुधवार को किसी भी मंडी से गेहूं लेकर किसानों के पहुंचने की सूचना नहीं मिली है।