शाहजहांपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति रोजा के कर्मचारी सर्वेश कुमार ने गन्ना सर्वे के दौरान दस ऐसे किसानों के नाम दोहरे प्लाट सर्वे रजिस्टर पर दर्ज कर दिए, जिन पर गन्ना की फसल उगाई नहीं गई। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान यह फर्जीवाड़ा पकड़ा। इस मामले मेें उन्होंने दोषी समिति कर्मी को सर्वे कार्य से बर्खास्त कर उसके खिलाफ गन्ना आयुक्त से कड़ी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
बता दें कि पेराई सत्र 2020-21 के लिए इन दिनों जिले में गन्ना रकबा का जीपीएस सर्वे कराया जा रहा है। इस कार्य में राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और सहकारी गन्ना विकास समितियों के कर्मचारी लगाए गए हैं। साथ ही ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों और गन्ना समितियों के सचिवों सर्वे कार्य के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चीनी मिल क्षेत्रवार हो रहे गन्ना सर्वे के तहत रोजा चीनी मिल क्षेत्र के गांव दिलावरपुर और हेतमपुर में रोजा समिति के कर्मचारी सर्वेश कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी।
डीसीओ डॉ. भार्गव ने बताया कि रोजा मिल क्षेत्र के दोनों गांवों में सर्वे कार्य का आकस्मिक निरीक्षण करने पर अभिलेखों में पांच-पांच किसानों के नाम दोहरे प्लाट दर्ज पाए गए, लेकिन जीपीएस मशीन दस प्लाट फसलों से खाली बता रही थी। बाद में सथलीय निरीक्षण करने पर पता चला कि अभिलेखों में जिन प्लाटों पर गन्ना की फसल दर्शाई, उनमें गन्ना की फसल नही है और वह वास्तव में खाली पड़े है। डीसीओ के अनुसार इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए समिति कर्मी से जीपीएस मशीन जब्त कर उसे सर्वे कार्य से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
सर्वे से गैरहाजिर मिले चार पर्यवेक्षक
डीसीओ के निरीक्षण के दौरान रोजा चीनी मिल के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. सुनील कनौजिया ने अन्य गांवों का दौरा कर सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें निगोही मिल क्षेत्र के टिकरी सर्किल में गन्ना पर्यवेक्षक रणवीर सिंह, कुदिरना सर्किल में नीरज कुमार और रघवापुर खुर्द सर्किल मेें गन्ना पर्यवेक्षक हरवीर सिंह और रमेश मीणा ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। डीसीओ के अनुसार चारों गन्ना पर्यवेक्षकों को सीडीआई डॉ. कनौजिया की जांच आख्या के आधार पर कार्यगत लापरवाही का दोषी मानते हुए उनका वेतन काटा जा रहा है। साथ ही उन्हें भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।