पुवायां के पन्नघाट पर यज्ञस्थल की परिक्रमा करते श्रद्धालु। संवाद
पुवायां। पुवायां में पन्नघाट पर चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ में मंगलवार को पूर्णाहुति के बाद रामकथा को विश्राम दिया गया। इस मौके पर भंडारा भी हुआ। मंगलवार को श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति देने के साथ ही यज्ञस्थल की परिक्रमा की।
कथा व्यास सुरेश मिश्र ने राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि कलियुग में भगवान का नाम जप कर ही भवसागर से पार हुआ जा सकता है। मयंक शेखर पांडे ने हनुमान भक्ति और बल की कथा सुनाते हुए कहा कि हनुमानजी ने भगवान राम की भक्ति की और खुद किए गए कार्यों का श्रेय भी श्रीराम को ही दिया। इस तरह की भक्ति किसी ने नहीं की। स्वामी रुद्र देवानंद ने सत्संगति की महिमा का बखान करते हुए लोगों से कुरीतियां त्यागने और संतों के बताए मार्ग पर चलने की अपील की। संवाद