शाहजहांपुर में जीआईसी खेल मैदान में धरना देतीं आशा वर्कर। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। भुगतान के मुद्दे को लेकर उपजे विवाद के बाद शनिवार को भावलखेड़ा सीएचसी पर सीएमओ और आशा वर्कर्स के बीच वार्ता हुई। सीएमओ ने आश्वस्त किया कि वह हर आशा वर्कर की शीट बनवाकर भुगतान कराएंगे। परेशान करने वालों की जांच कराकर दंडित भी करेंगे। उनके आश्वासन के बाद तीन दिन के लिए धरना स्थगित कर दिया गया।
शनिवार को आशा वर्कर्स ने जीआईसी खेल मैदान पर धरना दिया। इस बीच अध्यक्ष कमलजीत कौर के नेतृत्व में आशा वर्कर्स ने डीएम से मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें बताया कि एक महीने दस दिन तक सीएचसी भावलखेड़ा पर धरना देने के दौरान साजिश के तहत फ्रिज का पानी बंद कर दिया। धरनास्थल पर झाड़ू तक नहीं लगवाई गई। भुगतान की मांग करने पर धमकी दी गई।
दीपावली जैसा त्योहार कर्ज लेकर मनाना पड़ा। मजबूर होकर वित्त मंत्री के सामने मुद्दा रखा। बताया कि बीसीपीएम शैलेंद्र श्रीवास्तव के पास सारे कागजात उपलब्ध हैं। उत्पीड़न करने वालों पर कार्रवाई की जाए। डीएम ने आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर बाद सीएमओ डॉ.विवेक मिश्रा ने सीएचसी भावलखेड़ा में पहुंचकर आशाओं को बुला लिया।
उन्होंने आशा वर्कर्स से पूछा कि उनका कितना रुपया बकाया है। इसके बाद बीसीपीएम को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक दिन तीन संगिनी व उनके अधीन आने वालीं 24-24 आशाओं को सीएचसी पर बुलाकर उनके भुगतान की स्थिति जानेंगे। कितना मिला और कितना रह गया, इसे लेकर शीट तैयार करेंगे।
अध्यक्ष ने कहा कि ईमानदारी से सारे भुगतान करते हुए भविष्य में प्रति महीने धनराशि जारी होने की व्यवस्था की जाए। सीएमओ व आशाओं के मध्य वार्ता सफल होने के बाद तीन दिन के लिए धरना स्थगित कर दिया गया। आशा वर्कर्स ने उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया। तब सीएमओ ने आश्वस्त किया कि आशाओं को परेशान करने वालों को दंड दिया जाएगा। इसकी कमेटी बनाकर जांच कराएंगे।
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आशा वर्कर्स की धनराशि का लेजर तैयार कराया जाएगा। उसे आशाओं को दिखाकर उनकी संतुष्टि ली जाएगी। कुछ का मानदेय भेज दिया गया है। जिनका रह गया है, उसे भी भेज रहे हैं।
- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ