जम्मूतवी एक्सप्रेस के कोच में चढ़ने उतरने के लिए संघर्ष करते यात्री। संवाद
शाहजहांपुर। रक्षाबंधन पर भाई के घर राखी बांधने जाने वाली बहनों के घर लौटने का सिलसिला मंगलवार को शुरू हो गया। वापसी में भी ट्रेनों और बसों में सीट की मारामारी खत्म नहीं हुई। दुश्वारियों के बीच यात्रियों ने सफर किया।
परिवहन निगम की बसों में मुफ्त सफर का 16,537 महिलाओं ने लाभ लिया। प्रभारी एआरएम के मुताबिक, 13.68 लाख रुपये की यात्रा महिलाओं ने की है। बसों से एक दिन में कुल 38601 यात्रियों ने सफर किया। निगम को 45 लाख 96 हजार रुपये का राजस्व मिला है। बावजूद लोगों को सफर में परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों की संख्या भी कम होने से लोगों ने दिक्कतें उठाईं।
शाहजहांपुर से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों में भी अधिक भीड़ रही। इनमें बरेली एक्सप्रेस, बरेली-टनकपुर सिगरोली त्रिवेणी एक्सप्रेस, गंगा सतलुज एक्सप्रेस में अधिक यात्री उमड़े। दिल्ली की तरफ जाने वाली पोरबंदर एक्सप्रेस, अवध असाम एक्सप्रेस, लखनऊ मेल आदि में काफी भीड़ रही। इन ट्रेनों की बोगियों में जगह नहीं होने पर यात्रियों को पायदान पर बैठकर सफर करना पड़ा। ट्रेनें जब प्लेटफार्म पर पहुंची तो कोच में चढ़ने व उतरने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की तक हो गई। स्टेशन अधीक्षक पीएस तोमर ने बताया कि बुधवार से स्थिति सामान्य हो जाएगी।