शाहजहांपुर। डिग्री कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपियों का ऑनलाइन मूल्यांकन की सुविधा दी गई है। गत वर्ष तक एमए की ऑनलाइन कॉपियों का मूल्यांकन हो रहा था। इस साल से बीए की कॉपियां भी ऑनलाइन आवंटित की गईं हैं। इस सुविधा से शिक्षकों की बरेली में रुहेलखंड यूनिवर्सिटी की दौड़ खत्म हो गई है।
शाहजहांपुर के शिक्षक व शिक्षिकाएं पूर्व में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने बरेली जाते थे। अधिकतर शिक्षक सुबह ट्रेन या बस से जाते थे और शाम को लौटते थे। ऐसे में उन्हें दुश्वारियों से जूझना पड़ता था। विश्वविद्यालय स्तर पर ऑफलाइन मूल्यांकन की सुविधा को खत्म कर दिया गया है। गत वर्षों में एमए की कॉपियाें का ऑनलाइन मूल्यांकन शुरू किया गया था। इस बार बीए की उत्तर पुस्तिकाएं भी ऑनलाइन आवंटित की गईं हैं। जीएफ कॉलेज के प्रोफेसर अरशद खान बताते हैं कि ऑनलाइन कॉपियों का मूल्यांकन कराना काफी बेहतर है। एक कॉपी को जांचने में शिक्षक को पांच मिनट का समय देना है। इससे पहले कॉपी सबमिट नहीं होगी। इतने समय में कॉपी को अच्छे से पढ़कर नंबर देना होगा।
एक बार में 50 कॉपी ही आवंटित होंगी
यूनिवर्सिटी ने प्रत्येक शिक्षक के लिए साफ्टवेयर पर लॉगिन बनाकर पासवर्ड आवंटित किया है। संबंधित शिक्षक एक बार में विषय से संबंधित 50 कॉपी आवंटित करा सकते हैं। स्कैन की गई कॉपी को जांचने के बाद नंबर भी उसी में साफ्टवेयर पर भरना होंगे। आर्य महिला डिग्री कॉलेज की शिक्षिका ऋतु शर्मा बताती हैं कि नई व्यवस्था से शिक्षकों को बरेली तक की दौड़ खत्म हो गई है।