बार संघ के चुनाव में मतदान की तिथि नजदीक आते ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले दोनों प्रत्याशियों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। इस पद के उम्मीदवार श्रीकृष्ण यादव और लालाराम शर्मा ने तहसील पर संपर्क करने के साथ ही वकीलों के घरों पर जाकर वोट मांगे। जोड़ तोड़ की जारी कोशिशों के बीच इस चुनाव की खास बात यह है कि बिरादरीवाद का पासा फेंकने से गुरेज नहीं किया जा रहा।
बताते चलें कि बार संघ का यह चुनाव 30 जनवरी को होना है, जिसमें केवल अध्यक्ष पद के लिए वोट पड़ेगे। महासचिव समेत शेष विभिन्न सात पदों पर केवल एक-एक नामांकन होने से उक्त पदाधिकारियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा चुका है।
उधर तहसील में कुछ अधिवक्ताओ द्वारा सिविल बार संघ के नाम से नई कार्यकारिणी गठित कर समानांतर पदाधिकारियों का मनोनयन कर देने से चुनाव लड़ रहे इन प्रत्याशियों को तमाम तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। बार संघ के चुनाव का संचालन कर रही वरिष्ठ अधिवक्ता परिषद के मुताबिक बार संघ में कुल 120 अधिवक्ता मतदाता हैं। उधर, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष शर्मा अपने इस नए संगठन में 68 वकीलों के साथ होने का दावा कर रहे हैं।