कचहरी परिसर में ज्ञापन देने जाते सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद
शाहजहांपुर। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अपूर्वा सिंह को सौंपा। अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए बनारस प्रकरण में संलिप्त पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बार अध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि बनारस प्रकरण में सामान्य विवाद को अनावश्यक रूप से गंभीर बनाने वालीं एडीसीपी का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और भविष्य में किसी भी जनपद में इनकी तैनाती न की जाए।
प्रदेश के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उनकी तैनाती से पूर्व और तैनाती के बाद से अब तक की समस्त संपत्तियों की जांच की जाए। बार एसोसिएशन बनारस में पुलिस के अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा व भर्त्सना करती है और न्यायिक जांच की मांग करती है।
बनारस के अधिवक्ताओं पर पंजीकृत फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं। एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
ज्ञापन देने वालों में महासचिव अवधेश सिंह तोमर, पशुपति नाथ दीक्षित, शिशुपाल सिंह, रमित त्रिवेदी, अंचल दीक्षित सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे। वहीं जलालाबाद में वकीलों ने सोमवार सुबह तहसील के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रभारी तहसीलदार अनुराग दुबे से भेंट कर उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इससे पहले, तहसील के सभागार में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने पूरे मामले की निंदा की और वाराणसी के वकीलों के साथ मिलकर उनकी लड़ाई लड़ने का संकल्प किया।