शाहजहांपुर। चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने शनिवार दोपहर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण किया। आईसीयू व मेल मेडिकल वार्ड में जाकर मरीजों का हालचाल जाना। मिल रही दवाइयों और उनके समक्ष आ रही परेशानियों के बारे में पूछा।
इसके बाद दोपहर में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में महाविद्यालय परिसर स्थित काउंसिल हॉल में बैठक आयोजित की गई। अपर मुख्य सचिव ने महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने के लिए संकाय सदस्यों को प्रेरित किया। इसके साथ ही अपर मुख्य सचिव ने उच्च कोटि के शोध करने एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही संस्थान में चल रहे कार्यों का जल्द से जल्द पूर्ण कराए जाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान नर्सिंग स्टॉफ, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियमित पदों पर नियमों में सरलता लाते हुए भर्ती किए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह, प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ. तेजपाल राठौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नैपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
हनुमतधाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष तथा डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को हनुमत धाम का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद अमित घोष ने हनुमत धाम परिसर स्थित पुस्तकालय का अवलोकन किया। यहां उन्होंने अध्ययनरत बच्चों से संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई एवं पुस्तकालय की उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शहीद संग्रहालय काे भी देखा।
पुराने जिला अस्पताल को 300 बेड अस्पताल बनाने की मांग
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के सह सचिव रामशंकर लाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को मांग पत्र भेजा। उन्होंने पुराने सिटी हॉस्पिटल को रोगियों के इलाज के लिए 300 बेड की व्यवस्था कर फिर से चालू कराए जाने की मांग की। ज्ञापन पर जिला मंत्री नील कमल, सदस्य राज्य काउंसिल सुरेश कुमार के हस्ताक्षर हैं।
कर्मचारी कर रहे थे आराम...तीमारदार खींचते दिखे व्हीलचेयर व स्ट्रेचर
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों और तीमारदारों को समस्याओं से जूझना पड़ता है। हालत यह है कि कर्मचारी आराम करते नजर आते हैं जबकि तीमारदारों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर खींचना पड़ता है।
शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में अपर मुख्य सचिव का निरीक्षण था। इसलिए सुबह से ही तीमारदारों को वार्ड के बाहर कर दिया गया। दोपहर बाद हुए निरीक्षण के बाद ही तीमारदारों को वार्ड में प्रवेश दिया गया। इस बीच करीब तीन-चार घंटे तक तीमारदारों ने प्रशासनिक भवन के बाहर व सीमेंट की स्लैब पर बैठकर अपना समय काटा। गेट नंबर एक पर निर्माण के कार्य को लेकर भी मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्ट्रेचर व व्हीलचेयर पर मरीजों को लेकर कर्मचारियों को आना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं दिखा। तीमारदार ही मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर लेकर आते दिखे। संवाद
राजकीय मेडिकल काॅलेज में मरीज को व्हील चेयर से ले जाता तीमारदार। संवाद
राजकीय मेडिकल काॅलेज में मरीज को व्हील चेयर से ले जाता तीमारदार। संवाद