शाहजहांपुर में अपराध की सजा पाकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे तीन दोषियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर प्रथम और द्वितीय श्रेणी में स्थान पाया है। कलान के निकुर्रा गांव निवासी रामवीर के पुत्र अनमोल की गोली मारकर हत्या के दोष में फांसी की सजा पाए मनोज यादव ने हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है।
उसे 24 नवंबर 2021 को अपर सत्र न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाई थी। जेल की बैरक में रहकर उसने परीक्षा पास की है। इसके अलावा हत्या के एक दोषी और एक विचाराधीन बंदी भी परीक्षा में पास हुए हैं।
जिला कारागार से हाईस्कूल की परीक्षा के लिए कलान के गांव जल्लापुर निवासी मनोज यादव व जिला मेरठ के थाना रोहटा के ग्राम किनौनी निवासी नीरज ने फॉर्म डाला था। मनोज पर 28 जनवरी 2015 की सुबह कलान के निकुर्रा गांव निवासी रामवीर के पुत्र अनमोल की स्कूल में पढ़ने जाते समय रंजिशन गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था।
24 नवंबर 2021 को केस का फैसला आया था। न्यायालय ने आरोपी मनोज व उसके साथी सुनील को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि मृत्युदंड की सजा के दोषी मनोज यादव ने दसवीं में 386 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की है।
इसी तरह जिला कारागार में हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नीरज पुत्र चरन सिंह ने 64.66 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की है। थाना सिंधौली के गांव आलमपुर निवासी हत्या के आरोप में विचाराधीन अमन सिंह पुत्र दिनेश सिंह ने इंटरमीडियट की परीक्षा का फॉर्म भरा था। अमन ने 50.4 प्रतिशत अंक हासिल कर द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास कर ली है।