पुवायां। एक तरफ लखविंदर सिंह शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में वेंटीलेटर पर जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहा है, वहीं उसको न्याय दिलाने का जिम्मा संभालने वाली पुलिस का रवैया भी तमाम सवाल खड़े कर रहा है। लखविंदर का परेशान पिता सोमवार को पुत्र के इलाज के लिए कई जगह कर्ज के लिए घूमता रहा, तब कहीं जाकर कुछ रुपयों की व्यवस्था हो सकी।
लखविंदर और उसके पिता रामनिवास की पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने 21 अगस्त को पिटाई कर दी थी, तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। 23 अगस्त को लखविंदर सिंह को एक प्रधान ने गांव के लोगों के सामने पीट दिया था। तीन दिन में दो बार पीटे जाने और पुलिस के कार्रवाई न करने से आहत लखविंदर ने 23 अगस्त की शाम जहर खा लिया था। उसका शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गंभीर हालत में वह वेटीलेंटर सपोर्ट के सहारे सांसे ले रहा है। रामनिवास ने 23 अगस्त को मारपीट की घटना बताते हुए गांव के चंद्रभाल, योगेश, अभिषेक, अमर सिंह, अवधेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गाली गलौज और मामूली मारपीट के मामलों में लोगों पर शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई करने वाली पुलिस लखविंदर के मामले में तर्क दे रही है कि जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हैं, उनमें गिरफ्तारी नहीं की जा सकती है। रामनिवास ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसमें बलवा, विधि विरुद्ध जामव, घर में घुसकर हमला, मारपीट, झगड़े के लिए उकसाना, आपराधिक अभित्रास और मानहानि की धाराएं लगाई हैं। कुल आठ धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। ऐसे में आरोपियों पर शांतिभंग की आशंका तक में चालान न किया जाना पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है। रामनिवास का कहना है कि आरोपी गांव में ही घूम रहे हैं, उनसे उसे और परिवार के लोगों को जान का खतरा है, लेकिन पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ रही है।
आरोपियों की पैरवी में जुटे दलाल
लखविंदर सिंह की पिटाई के बाद उसके आहत होकर जहर खा लेने के मामले में दलाल आरोपियों की पैरवी में जुट गए हैं। सोमवार को कुछ लोग एक दरोगा से बचाव के उपाय पूछने पहुंचे और आरोपियों काे गिरफ्तार न करने की पैरवी करते रहे। थाने के पास पुरानी तहसील परिसर में भी लोग एकत्र होकर साठगांठ में जुटे रहे। एक जनप्रतिनिधि पर लखविंदर सिंह ने मारपीट का आरोप लगाया था, उसकी पैरवी में भी कई लोग जुटे रहे।
- गिरफ्तारी वाली धाराएं नहीं, इस कारण नहीं पकड़ा
इंस्पेक्टर हरपाल सिंह बालियान का कहना है कि रामनिवास की ओर से दर्ज रिपोर्ट में जो धाराएं हैं, उनमें गिरफ्तारी नहीं हो सकती, इस कारण आरोपी नहीं पकड़े गए हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों के घर गई थी, लेकिन कोई भी घर नहीं मिला। जांच चल रही है आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कार्रवाई कराई जाएगी।
पंकज पंत, सीओ पुवायां