जैतीपुर (शाहजहांपुर)। थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के नगला देहात माली गांव में केमिकल और डिटर्जेंट के इस्तेमाल से मिलावटी दूध बनाने के आरोपी मुन्नालाल को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
सहायक आयुक्त खाद्य विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने मौके से करीब 30 लीटर संदिग्ध दूध, तैयार मावा, रिफाइंड सोयाबीन तेल, लांड्री लिक्विड डिटर्जेंट और अज्ञात रसायन बरामद किया था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर कई वर्षों से मिलावटी दूध तैयार कर रहा था। उसने पत्नी सुखरानी के नाम से बरेली के फतेहगंज पूर्वी स्थित सृजनी दुग्ध केंद्र का सेंटर ले रखा था। आरोपी ग्रामीणों से दूध खरीदकर उसमें तैयार नकली दूध मिलाकर सेंटर पर आपूर्ति करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि केमिकल की मदद से रोजाना करीब 50 से 60 लीटर नकली दूध तैयार किया जाता था। बाद में इसे असली दूध में मिलाकर सप्लाई किया जाता था। सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपी को कोर्ट से जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
दूध, मावा और लौज का बड़े पैमाने पर धंधा
क्षेत्र में दूध, मावा और लौज का धंधा बड़े पैमाने पर होता है। कई गांवों में अलग-अलग कंपनियों की डेयरियां संचालित हैं, जहां से रोजाना हजारों लीटर दूध की सप्लाई होती है। कई स्थानों पर दूध के प्लांट भी लगाए गए हैं। गढ़ियारंगीन, बिरिया, हिम्मतपुर, नगला देहात माली और बरी में मावा, जबकि खेड़ा बझेड़ा में लौज का कारोबार होता है। इनकी आपूर्ति बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर समेत आसपास के कस्बों में की जाती है। इसमें मिलावट की आशंका रहती है।