पुवायां। गांव धर्मंगदापुर जप्ती निवासी रामसरन की पुत्री ऊषा देवी ने कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ऊषा देवी के अनुसार वह मृलरूप से सीतापुर के गांव नत्थापुर और वर्तमान में पुवायां के गांव धर्मगदापुर जप्ती निवासी हैं। उनके पिता रामसरन के नाम गांव गुधनी में जमीन थी। वह अपने पिता की अकेली वारिस हैं। तीन अगस्त 2009 को पिता की मौत के बाद उन्होंने सात अगस्त 2009 को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराया था। पिता की मौत के बाद से वह खेती पर काबिज हैं, लेकिन जानकारी न होने के कारण पिता की भूमि अपने नाम दर्ज नहीं करा सकी थीं।
जानकारी होने पर उन्होंने 2023 में विरासत दर्ज कराने के लिए खतौनी निकलवाई तो पता चला कि जमीन गांव उमरसंडा के संतोष कुमार के नाम दर्ज है। संतोष पिता के यहां अक्सर आकर खेती का काम करते थे। पिता की मौत तीन अगस्त 2009 को हुई, लेकिन संतोष कुमार ने 31 अगस्त 2021 को फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर रामसरन बता दिया और गवाह नगला जमीने हरना के सोनपाल, बेहटा जमीने जेबा के रमेश कुमार और लेखक हरद्वारीलाल की मिलीभगत से फर्जी वसीयत की रजिस्ट्री करा ली।
आरोपियों ने पिता का सात नवंबर 2021 का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी बनवाया है। उन्होंने संतोष से शिकायत की तो जान से मारने की धमकी दी गई। थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।