शाहजहांपुर। होली के दौरान हुए विवाद और हादसों के चलते बड़ी संख्या में घायल पहुंचने से स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में क्षमता से अधिक मरीज आने के कारण सारे बेड फुल हो गए हैं। मरीजों का स्ट्रेचर पर गैलरी में इलाज किया जा रहा। दूसरी तरफ अन्य मरीज बढ़ने से भी स्टाफ की मुसीबत बढ़ गई है।
होली से एक दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में ज्यादातर बेड खाली पड़े थे, लेकिन होली के अगले रोज ही सारे बेड फुल हो गए। आमतौर पर ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन 80 से 90 मरीजों का इलाज किया जाता है। रंगों के पर्व पर सड़क हादसे, विवादों में घायल लोगों के अलावा अन्य बीमारियों से घिरे लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बृहस्पतिवार को ट्रामा सेंटर में 150 मरीजों के भर्ती होने के बाद व्यवस्था पटरी से उतर गई।
आईसीयू और इमरजेंसी भी फुल हो गई। जैसे-तैसे व्यवस्था को संभाला गया। शुक्रवार को स्थिति पहले से ज्यादा विकराल हो गई। ट्रामा सेंटर में आने वालों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं हो सका। लिहाजा, उनके लिए गैलरी में स्ट्रेचर डाली गई। ग्लूकोज की बोतल को जाली में बांधकर सुविधा दी गई।
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जनरल मरीजों की संख्या में भी इजाफा
-फिजिशियन डॉ. सलीम के अनुसार, वर्तमान में ह्दयघात, सांस के रोगी, पेट के रोगी अधिक आ रहे हैं। वहीं ओपीडी में सर्दी, खांसी-बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
500 बेड का इंतजाम होने का दावा
-सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि 330 बेड के अस्पताल में पहले से ही 100 बेड का अतिरिक्त इंतजाम रहता है। मरीजों के अधिक आने के कारण जहां जगह मिल रही। वहां पर बेड डाल दिए गए। उनका दावा है कि करीब 500 बेड का इंतजाम है।
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड पर लेटे मरीज। संवाद