शाहजहांपुर। चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक स्कूटी सवार काउंसलर घायल हो र्गइं। उनके गर्दन और अंगुलियों में गहरे जख्म हो गए। चाइनीज मांझे से किसी व्यक्ति के घायल होने की यह चार दिन में तीसरी घटना है।
आनंदपुरम की रहने वालीं प्रतिभा मिश्रा जिला बाल संरक्षण इकाई में परामर्शदाता हैं। शुक्रवार को दोपहर कलक्ट्रेट से लोधीपुर स्थित अपने आफिस जा रहीं थीं। लोधीपुर क्षेत्र में खन्नौत नदी के पुल पर चाइनीज मांझा प्रतिभा के गले पर लिपट गया, जिससे उनके गले से खून निकलने लगा। छुड़ाने की कोशिश में प्रतिभा की अंगुलियां भी जख्मी हो गईं। स्कूटी रोककर प्रतिभा ने अपना बहता खून साफ किया और इसके बाद निजी चिकित्सालय जाकर मरहम पट्टी कराई। शुक्र था कि समय पर स्कूटी रोक लेने के कारण उन्हें बहुत ज्यादा चोट नहीं आई।
धड़ल्ले से बिक रहा मांझा, शिकार हो रहे लोग
पिछले चार दिन में यह तीसरी घटना है जब कोई चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कोई व्यक्ति बुरी तरह से जख्मी हुआ है। 16 फरवरी को निवाजपुर की रहने वाली महिला रश्मि गुप्ता अपने पति के साथ बाइक से जा रहीं थीं। जमुका तिराहे के पास चाइनीज मांझे से उनका मुंह, ओंठ और गाल बुरी तरह से कट गए। दर्जनभर टांके डॉक्टर को लगाने पड़े। इसी प्रकार 17 फरवरी को एक अधिवक्ता के सिर में चाइनीज मांझे से जख्म हो गया। उन्हें अस्पताल जाना पड़ा। शुक्रवार को स्कूटी सवार युवती के गले में चाइनीज मांझे ने जख्म कर दिया। ये वे घटनाएं हैं जो प्रकाश में आईं हैं। अनगिनत घटनाओं में चाइनीज मांझे के कारण लोगों को दर्द झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर बैठा हुआ है। इन घटनाओं पर विराम लगाने के लिए बृहस्पतिवार को युवा अधिवक्ताओं ने चाइनीज मांझा के खिलाफ प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी दिया था लेकिन फिर भी चाइनीज मांझा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महंगा मांझा फिर भी डिमांड ज्यादा
चाइनीज मांझा आम मांझे से महंगा होता है। आम मांझे की शुरुआत जहां 90 रुपये रील से हो जाती है वहीं चाइनीज मांझा 120 रुपये रील से शुरू होकर 350 रुपये रील तक के दाम में बेचा जाता है। जितना ज्यादा तेज चाइनीज मांझा होता है, उतना ही महंगा बिकता है। इसकी खासियत यह होती है कि यह टूटता नहीं है। कई बार पतंग उड़ाने वाले की अंगुलियों और हाथों को भी जख्मी कर देता है। यह मांझा बगैर किसी रोकटोक और प्रतिबंध के बिक रहा है।
चाइनीज मांझे में कट न जाए जिंदगी की डोर
चाइनीज मांझा बेहद खतरनाक होता है। बाइक या स्कूटर से जा रहे व्यक्ति की गर्दन पर अगर यह उलझ जाए और गहरा जख्म हो जाए तो उसकी जान भी जा सकती है। वसंत पंचमी के दौरान तमाम लोग पतंग उड़ाते हैं। होली तक पतंगबाजी का मौसम बना रहता है। पतंगबाज चाइनीज मांझे को वरीयता देते हैं। दरअसल सूती की जगह नायलान और प्लास्टिक धागे पर चढ़ा लोहे-कांच का बुरादा इस मांझे को खतरनाक बना देता है।
छापे मारे जाएंगे, कार्रवाई होगी
चाइनीज मांझे पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। वसंत पंचमी के पहले टीमों ने जाकर चाइनीज मांझे के खिलाफ छापे मारे थे। अब एक बार फिर अभियान चलाया जाएगा। चाइनीज मांझा भंडारण और विक्रय करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधि सम्मत कार्रवाई होगी। - राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट