शाहजहांपुर। टेलीफोन लाइन डालने के लिए कंपनी ने बिना अनुमति सड़क किनारे लंबी चौड़ी खुदाई कर डाली, लेकिन अफसर आंखें बंद करके बैठे रहे। ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर न तो वहां चेतावनी बोर्ड लगवाया न ही स्टॉपर रखने समेत अन्य कोई इंतजाम किया। इसी वजह से पांच लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद केबल डालने का काम कर रहे मजूदर और ठेकेदार भाग निकले हैं। अब पीडब्ल्यूडी और बीएसएनएल के अधिकारी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ने में लगे हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारी कह रहे हैं कि बीएसएनएल खुदाई करा रहा था लेकिन बीएसएनएल अफसरों ने साफ इनकार कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने इसके जिम्मेदारों की पड़ताल शुरू कर दी है।
सड़क पर काम के दौरान तेज रफ्तार वाहनों के हादसे रोकने के लिए मार्ग बंद करने समेत सुरक्षा के अन्य इंतजाम करने के निर्देश हैं। साथ ही खुदाई या निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी को अनुमति लेकर ही काम करने के आदेश हैं। मगर बाबरपुर पुलिया के पास न तो केबल डालने वाली कंपनी ने सड़क किनारे खुदाई के लिए पीडब्ल्यूडी से अनुमति ली और न ही विभागीय अफसरों ने इस पर ध्यान देने की जहमत उठाई। इसके चलते बाबरपुर पुलिया के पास केबल डालने के लिए खोदे गए गड्ढ़े को काम के बाद मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। यही वजह रही है कि सोमवार रात सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में कार गड्ढे में फंसकर अनियंत्रित होने के बाद पेड़ से टकराकर खाई में पलट गई। इस हादसे में सवार सदर कोतवाली के मोहल्ला शांतिपुरम कॉलोनी निवासी गौरव, जकीम, मोहम्मद यामीन सलमानी, अशफाक और शुएब की मौत के बाद पीडब्ल्यूडी अफसरों की नींद टूटी तो एक्सईएन ने जेई गया प्रसाद मौर्य को मौके पर भेजा। इसके बाद उन्होंने कह दिया कि बीएसएनएलकेबल डालने के लिए गड्ढ़ा खुदवा रहा है। वहीं बीएसएनएल ने इससे साफ इनकार किया है। मगर हादसे के बाद मजदूर और ठेकेदार केबल डालने का काम छोड़कर भाग निकले।
कई दिन से चल रहा था काम
निगोही से बीसलपुर स्टेट हाईवे किनारे केबल डालने का काम कई दिनों से चल रहा था। इसके लिए हाईवे किनारे खोदे गए गड्ढ़े में केबल डालकर ऊपर से मिट्टी डाल दी गई। पिछले दिनों बरसात में यह मिट्टी धंस गई लेकिन पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बिना अनुमति हो रही खुदाई को देखने की जहमत नहीं उठाई।
वर्जन
पहले कोई विभाग रोड साइड में खुदाई का काम करता था तो अनुमति लेता था, लेकिन वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया था कि सरकारी विभागों को केबल डालने के लिए सड़क किनारे खुदाई के लिए अनुमति लेने की अनिवार्यता नहीं है। तब से सड़कें चौपट हो रहीं हैं।
- ओपी वर्मा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, निर्माण एवं प्रांतीय खंड
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बीएसएनएल की कहीं कोई नई लाइन नहीं डाली जा रही है इसलिए खुदाई का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। मुझे जानकारी नहीं है कि वहां किसने खुदाई कराई।
सौरभ मिश्रा, जिला प्रबंधक, बीएसएनएल)
हादसा किस कारण हुआ और इसमें किस की क्या गलती रही। यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता। इसको लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी