खुटार। गांव टाह खुर्द कलां निवासी 20 वर्षीय जाने आलम की 26 अक्तूबर को फतेहपुर में कंबाइन के कटर से कटकर मौत हो गई। जानकारी पाकर परिजन फतेहपुर गए हैं।
जाने आलम के पिता शफायत ने बताया कि उनका पुत्र 20 दिन पूर्व पीलीभीत के गांव धनेगा के रहने वाले साथी के साथ कंबाइन पर काम करने गया था। कंबाइन से जनपद फतेहपुर के एक गांव में कटाई की जा रही थी। रविवार को सूचना मिली कि सुबह करीब दस बजे धान की कटाई करने के दौरान जाने आलम कंबाइन चालक के पास बैठा था।
झटका लगने से जाने आलम उछलकर कंबाइन के कटर में गिरकर गंभीर घायल हो गया। जाने आलम को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जाने आलम की मौत की सूचना मिलने पर परिजन भी रात में ही फतेहपुर के लिए रवाना हो गए। उसकी मौत से मां, भाई शहबाज, बहन नाजरीन, नजबीन, आफरीन का रो रोकर बुरा हाल है।
पशु से टकराकर घायल हुए होमगार्ड के प्लाटून कमांडर की मौत
जलालाबाद। चार दिन पूर्व बरेली हाईवे पर छुट्टा पशु से टकराकर गंभीर रूप से घायल हुए होमगार्ड के प्लाटून कमांडर 55 वर्षीय शिवसरन की रविवार को मौत हो गई।
क्षेत्र के गांव झरहरहरीपुर निवासी शिवसरन शुक्रवार शाम करीब छह बजे जलालाबाद थाने से ड्यूटी कर बाइक से घर के लिए लौट रहे थे। जैसे ही वह बरेली हाईवे पर गांव बरुआरी के पास पहुंचे, तभी अचानक सड़क पर आई गाय से उनकी बाइक टकरा गई। वह हादसे में सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। अर्जुन ने बताया कि जानकारी होने पर भाई शिवसरन को पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां से भाई को बरेली रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार न होने पर रविवार रात उन्हें लखनऊ लेकर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। शिवसरन की मौक से उनकी पत्नी कमला देवी का रो-रोकर हाल बेहाल हाे गया। दो बेटे व तीन बेटियां गुमसुम हो गईं। संवाद
शिवसरन का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन