एक प्रसव पीड़िता के परिवार के लोगों को बच्चे के गले में फंदा लगा होने की बात कहकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस में बिठाने की तैयारी के दौरान ही बच्चे का जन्म हो जाने पर अस्पताल में हड़कंप मच गया। आनन फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।
गांव रेहरिया के मनोज कुमार अपनी पत्नी रेनू को प्रसव पीड़ा होने पर पुवायां के सरकारी अस्पताल लाए थे। यहां डॉक्टर ने बताया कि बच्चे के गले में फंदा लगा होने के कारण यहां प्रसव कराने में समस्या हो सकती है। उन्होंने महिला को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह देकर रेफर कर दिया। एंबुलेंस के पास पहुंचते ही बच्चे का जन्म हो गया। महिला के पति ने डॉक्टर को जानकारी दी तो महिला को आनन फानन में अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। बाद में महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी डॉ. केके वर्मा का कहना है कि महिला के पास अल्ट्रासाउंड था। इसके आधार पर बच्चे के गले में फंदा लगे होने की बात कही गई थी। रेनू के परिवार के लोग उसे खुद ही लेकर जा रहे थे। प्रसव के बाद भी वह लोग खुद ही महिला को लेकर घर चले गए।