कलान (शाहजहांपुर)। छिदकुरी गांव में शनिवार की शाम बंदरों के हमले में छत से गिरकर महिला की मौत हो गई।
छिदकुरी निवासी रामवीर राठौर की पत्नी 45 वर्षीय जमुना देवी मकान की छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गईं थीं। इसी दौरान अचानक वहां बंदर आ गए। बंदरों को देखकर घबराईं जमुना देवी छत से नीचे मकान के सामने बने खड़ंजे पर जा गिरीं। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया। उनकी मौत से चार पुत्र और दो पुत्रियाें को रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनके पुत्र रूपेश और पुत्री उर्वशी का विवाह हो चुका है जबकि तीन पुत्र और एक पुत्री अभी अविवाहित हैं। जमुना देवी के पति ने थाना प्रभारी शिवदीन वर्मा को दी गई तहरीर में बंदरों से घबराकर गिरने से पत्नी की मौत होने का जानकारी दी है। थाना प्रभारी के अनुसार महिला के पति की मांग पर शव को पाेस्टमाॅर्टम के लिए भेजा गया है।
आए दिन हमला कर रहे बंदर
कस्बे में बंदराें का काफी ज्यादा आतंक हैं। बंदर लोगों को काटने के साथ ही नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। बंदर घर से सामान उठा ले जाते हैं। बंदराें से बचने के लिए लोगों ने छतों पर जाल लगवाना शुरू कर दिए हैं। बंदरों से निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
महिला और दो बच्चों को बंदरों ने काटकर किया घायल
मीरानपुर कटरा। कस्बा और फीलनगर गांव में बंदरों ने एक महिला और दो बच्चों को काटकर घायल कर दिया। सभी को उनके घरवाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे और इलाज कराया।
मोहल्ला कायस्थान में हसन अली का तीन वर्षीय पुत्र आहान अली दिन में करीब 11 बज हल्की धूप निकलने पर छत पर खेलने चला गया। इसी दौरान एक बंदर उस पर दौड़ पड़ा। बंदर ने उसे पैर में काटकर घायल कर दिया। इसी तरह मोहल्ला बजरिया में जावेद अली के पुत्र अजान अली को छत पर बिस्कुट खाते देखकर बंदर ने हमला कर दिया।
बिस्कुट का पैकेट छीनने के लिए बंदर ने उसके हाथ में काट कर घाव कर दिया। उधर, फीलनगर गांव में दोपहर करीब 12 बजे छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गईं चेतराम की पत्नी रामरती पर बंदरों ने हमला करके उनके हाथ में कई जगह काट लिया। सीएचसी के प्रभारी डॉ. फैजान खां ने बताया कि बंदर काटने से जख्मी महिला और दोनों बच्चों को उपचार देकर घर भेज दिया गया है। संवाद
पटेल नगर में बंदरों के हुड़दंग से लोग परेशान
देवकली। बंडा कस्बे के मोहल्ला पटेलनगर में सुबह होते ही बंदरों का हुड़दंग शुरू हो जाता है। महिलाएं और बच्चे घरों के अंदर बने रहते हैं। कपड़े फाड़ना, घरेलू सामान और रसोई से खान-पान की चीजें उठा ले जाना रोजमर्रा की समस्या बन गई है। मोहल्ले के मनोज वर्मा, श्रीपाल, सरोज, राकेश शुक्ला आदि ने बताया कि बंदर इतने ज्यादा हो गए हैं कि घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि जल्द ही बंदर पकड़वाए जाएंगे और इसके लिए अधिकारियों से बात की जा रही है। संवाद
मृतक जमुना देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन