रोजा। आदर्श नगर कॉलोनी की गली नंबर छह निवासी अशोक गुप्ता (42) की निजी अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया। हालांकि बेटे की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।
अशोक कुमार गुप्ता की रोजा मंडी समिति में गल्ले की आढ़त हैं। मृतक के भाई राममिलन ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे अशोक अपनी आढ़त पर गए थे। वहां उनके पेट में अचानक दर्द होने लगा। राममिलन व राम मोहन उन्हें रोजा स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे।
आरोप है कि यहां फिजिशियन की गैरमौजूदगी में दांत के डॉक्टर ने इलाज शुरू कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने दो इंजेक्शन लगाए। इसके बाद अशोक बेहोश हो गए। इसके बाद डॉक्टर को साथ लेकर परिजन अशोक को लेकर अजीजगंज स्थित एक अस्पताल में गए। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बावजूद इसके परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन यहां भी अशोक को मृत घोषित कर दिया गया।
इस पर गुस्साए परिजन शव को गाड़ी में रखकर सुबह सात बजे रोजा थाने पहुंचे और डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर इंस्पेक्टर राजीव सिंह थाने पहुंचे। मृतक के भाई राम मिलन ने डॉक्टर को जेल भेजने और नर्सिंग होम को सील करने की मांग की।
कुछ देर के बाद सीओ सदर प्रयांक जैन भी पहुंच गए। बाद में परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया। मृतक के पुत्र ने प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पर कार्रवाई की मांग की है। अशोक की मौत से पत्नी अन्नू गुप्ता, बेटा अंशु, कुनाल, जीवा व बेटी निक्की का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है।
दंत चिकित्सक कर रहे गंभीर मरीजों का उपचार
मृतक के पुत्र अंशू ने डीएम को पत्र भेजकर बताया कि अस्पताल के संचालक एमबीबीएस डॉक्टर हैं, जबकि उनका पुत्र बीडीएस डिग्री धारक है। वह ही पिता के नाम पर गंभीर मरीजों का उपचार कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा है। दंत चिकित्सक को अनुभव नहीं है। गलत उपचार के चलते उनके पिता की मौत हो गई। उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
आईएमए के पदाधिकारी भी थाने पहुंचे
हंगामा होने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी थाने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष से वार्ता की। इस मौके पर डाॅ.संजीव कनौजिया, डाॅ. हिकमत उल्ला, डाॅ. एसके जैन, डाॅ. आकाश श्रीवास्तव, डाॅ. अरविंद किशोर आदि मौजूद रहे।
नशा छुड़ाने का उपचार चलने की नहीं दी थी जानकारी
हंगामे के बाद डॉक्टर ने बताया कि मृतक अशोक नशे के आदी थे। उनका नशा छुड़ाने का कही से इलाज चल रहा था। यह बात परिजनों ने उन्हें नहीं बताई थी। सोमवार शाम को भी अशोक नर्सिंग होम से बुखार की दवा लेकर गए थे। मंगलवार की सुबह नर्सिंग होम पर तेज दर्द होने पर आए थे। उन्होंने फिजिशियन पिता से पूछकर इंजेक्शन दिया था। कुछ देर बाद उनकी पल्स कम हो गई तो शहर के किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिवार वाले उन्हें भी जबरदस्ती एक अस्पताल ले गए थे। जहां डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया।
तहरीर में गलत इंजेक्शन लगाने का जिक्र नहीं
मृतक अशोक कुमार गुप्ता के बेटे अंशु ने पुलिस को दी गई तहरीर में गलत इंजेक्शन लगाने का जिक्र नहीं किया है। हालांकि, तहरीर में बताया कि अस्पताल संचालक पिता व पुत्र के चलते कई लोगों की जान चली गई।
परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया है। मृतक के बेटे अंशू ने तहरीर दी है। मामले की जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- प्रयांक जैन, सीओ सदर
अशोक गुप्ता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
अशोक गुप्ता का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन