शाहजहांपुर। शाहजहांपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग का सहारा लिया जाएगा। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), रुड़की के वैज्ञानिकों ने डीएम के साथ शुक्रवार को बैठक की। टीम दो दिन स्थलीय निरीक्षण करेगी।
शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डाटा तैयार करने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ बैठक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एलएन ठकुराल और डॉ. पीसी नायक ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वैज्ञानिकों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जलभराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा।
डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहां बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहांपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा।
डीएम ने बैठक में कहा कि 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए। डीएम ने बताया कि अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहांपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके।
वैज्ञानिक यह भी जांचें कि नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग यानी नदी की खोदाई-सफाई की तत्काल आवश्यकता है। डीएम ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डाटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए। नगर निगम को कांशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट स्लूस गेट लगवाने के निर्देश दिए ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस न जा सके।
इसके अलावा शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने के लिए कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके। डीएम ने बताया कि वैज्ञानिकों की यह टीम दो दिन तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेगी। बैठक में सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह, नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।