कांट के मरहैया में तिरछे खंभे को दिखाता युवक। संवाद
- फोटो : बुधवार को शहर के एक चूड़ी कारखाने में काम करते श्रमिक। संवाद
शाहजहांपुर। कांट के मोहल्ला मरहैया में फुरकान के पांच वर्षीय बेटे अमान की करंट लगने से मौत के मामले की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम भी करेगी। अधीक्षण अभियंता ने निदेशालय को जांच के लिए पत्र भेजा है। दूसरी ओर जेई के तबादले के बाद खुदागंज से अवर अभियंता को बुलाकर तैनाती दी जाएगी।
मंगलवार की सुबह खेलते समय अमान खंभे की सपोर्ट के लिए लगाए गए तार में उतरे करंट की चपेट में आ गया था। राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने शव थाने के बाहर रखकर जाम लगा दिया था। मामले में लाइनमैन समेत दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एसई ने जेई रामसुरेश को तुरंत ही उपकेंद्र से रिलीव कर दिया था। उन्होंने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी भी बनाई थी। दूसरी ओर विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम भी जांच करेगी। चूंकि, परिवार के लोग निगम पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में परिवार के लोग मुआवजे के लिए दावा भी करेंगे। इसे देखते हुए निदेशालय की टीम भी विस्तार से जांच करेगी। उनकी जांच रिपोर्ट के बाद बिजली निगम अग्रिम कार्रवाई करेगा। अधीक्षण अभियंता अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम करेगी। स्थानीय स्तर की टीम भी जांच कर रिपोर्ट देगी। दोनों रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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बरसात से पहले जांचे जाएंगे इंसुलेटर, सही की जाएगी अर्थिंग
-कांट में मासूम की मौत होने के बाद विद्युत निगम सतर्क हो गया। बरसात के मद्देनजर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। करंट से बचाने के लिए अधीक्षण अभियंता ने उपकेंद्र वार दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एसई ने बताया कि इंसुलेटर टूटा होने के कारण खंभे में करंट उतर आता है। इसके चलते बारिश से पहले सारे उपकेंद्राें के क्षेत्र में खंभों में लगे इंसुलेटर चेक कराए जा रहे हैं। इसी तरह तारों पर फैली बेल भी खतरनाक होती है। इससे करंट उतरने की आशंका रहती है। उसे भी हटाने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके अलावा खंभों से अर्थिंग को सही करने का काम प्रारंभ किया गया है।
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खंभा अब भी तिरछा
कांट। मरहैया मोहल्ले में अमान की मौत के दूसरे दिन बिजली निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्य को कराया। टीम ने सपोर्ट तार को ठीक किया, जिससे उसमें अब करंट नहीं आ रहा है। दूसरी ओर तिरछे खंभे को दुरुस्त कराने की जरूरत नहीं समझी गई है। संवाद