शाहजहांपुर। सिर्फ शराब ही नहीं... खराब लाइफस्टाइल और दूषित खानपान लिवर को प्रभावित कर रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में हर दिन तीन-चार मरीज मरीज लिवर से जुड़ी बीमारियों के इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। गर्भवती महिलाओं में भी लिवर में दर्द और सूजन की समस्याएं हो रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सही डाइट अपनाकर लिवर को तंदुरुस्त रखा जा सकता है।
लिवर की बढ़ती बीमारियों के बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इस समस्या से निजात दिलाने के लिए 24 अक्तूबर 2024 को हेपेटाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर शुरू हुआ था।
अब तक हेपेटाइटिस-बी के 542 तो हेपेटाइटिस-सी के 497 लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ। 156 का उपचार पूर्ण हो चुका है। अब तक दो-तीन मौत के मामले सामने आए हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने समुचित उपचार नहीं लिया।
सेंटर के नोडल अधिकारी डाॅ. पंकज सिंह ने बताया कि लिवर शरीर का वो साइलेंट हीरो है, जो बिना कोई शिकायत किए दिन-रात टॉक्सिन्स (हानिकारक पदार्थ) को साफ करता है। फैटी लिवर तब विकसित होता है, जब उसकी कोशिकाओं में अत्यधिक वसा जमा हो जाती है। लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है।
यह भोजन और पेय जैसे पोषक तत्वों के पाचन एवं अवशोषण में मदद करता है। कई बार लिवर क्षतिग्रस्त होने के शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। लिवर को नुकसान करने वाली चीजों से दूरी बनाएं।
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लिवर की सबसे बड़ी दुश्मन हैं ये आदतें
डाॅ. पंकज सिंह ने बताया कि शराब का अधिक सेवन लिवर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। पैक्ड स्नैक्स जैसे चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड फूड में ट्रांस फैट, प्रिजर्वेटिव और ज्यादा नमक होता है। ये धीरे-धीरे लिवर में फैट जमा करते हैं और उसकी कार्यक्षमता को कम कर देते हैं। रोजाना इनका सेवन करने से नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में सूजन भी बढ़ जाती है। डीप फ्राइड और ऑयली फूड पचाने में लिवर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लगातार तला-भुना खाना खाने से वजन बढ़ता है, कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉक्टर की बिना सलाह के बार-बार दर्दनाशक दवा लेना लिवर के लिए खतरनाक हो सकता है।
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बचाव व उपाय
- संतुलित आहार लें
- रोजाना व्यायाम करें
- पर्याप्त पानी पिएं
- शराब और धूम्रपान से दूरी रखें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
(जैसा कि डाॅ. पंकज सिंह ने बताया)
राजकीय मेडिकल कॉलेज का हेपेटाइटिस सेंटर। संवाद