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खतरों का सफर : सड़कों से गायब सफेद पट्टी...संकेतक भी नदारद

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निगोही में हाईवे पर नहीं पड़ी सफेद पट्टी। संवाद - फोटो : गूजीपुर गांव ​स्थित बाग में बनी पक्की पिच दिखाते प्रशांत वीर के छोटे भाई आर्यवीर।
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शाहजहांपुर। कोहरे का प्रकोप शुरू होने के साथ ही जनपद से होकर निकले राष्ट्रीय राजमार्ग वाहन चालकों के लिए खतरे की अंधी डगर बन गए हैं। किसी जगह किनारे और बीच की सफेद पट्टियां गायब हैं तो कहीं संकेतक नहीं लगे हैं। इसके अलावा छुट्टा पशुओं के सड़क पर होने से हादसों की आशंका बनी रहती है।
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चाहे लखनऊ-दिल्ली हाईवे हो, लिपुलेख-भिंड हाईवे या फिर लखनऊ-पलिया हाईवे, इन सभी राजमार्गों पर घने कोहरे के दौरान दृश्यता शून्य होने पर वाहनों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। हाईवे पर रात में रोशनी का भी पर्याप्त प्रबंध नहीं है। यही नहीं, हाईवे के किनारे जगह-जगह रोक दिए जाने वाले ई-रिक्शा और अन्य डग्गामार वाहन कोहरे के दौरान कभी भी भीषण हादसे की वजह बन सकते हैं।

तिलहर में हाईवे के पांच किमी दायरे में हर पल मंडरा रहा खतरा
तिलहर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर घने कोहरे के कारण हादसों की आशंका बढ़ गई है। ट्रक, ई-रिक्शा सहित अन्य वाहन हाईवे पर रोक दिए जाने और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से हालात और भी गंभीर हो गए हैं। कछियानी खेड़ा के बाला जी हनुमान मंदिर से लेकर सरयू पुलिया तक करीब पांच किमी के दायरे में कोहरे के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में जगह-जगह बिना किसी चेतावनी संकेत के ई-रिक्शा और अन्य वाहन कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। दुर्घटनाओं की आशंका के बावजूद हाईवे पर रोके जाने वाले वाहनों पर न तो रेडियम के रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं और न ही हाईवे पर रोशनी की व्यवस्था की गई है। रात और सुबह के समय घना कोहरा होने पर हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है। संवाद
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लिपुलेख-भिंड हाईवे पर बरेली मोड़ से जलालाबाद तक सफर खतरनाक
कांट। घने कोहरे के दौरान बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा तक सफर करना बेहद खतरनाक हो गया है। हाईवे के इस हिस्से को फोर लेन बनाने के लिए दोनों ओर 60-60 फुुट जगह खाली कराई गई है। मार्ग को चौड़ा करने के लिए दोनों तक खोदाई करके रास्ता जस का तस छोड़ दिया गया है। हाईवे का यह हिस्सा पहले से जर्जर होने के कारण कई जगह किनारे और बीच की सफेद पट्टियां गायब हो चुकी हैं। बरेली मोड़ से याकूबपुर तिराहा तक हाईवे के किनारे कहीं कोई ऐसा संकेतक भी नहीं लगा है, जो वाहन चालकों को आगे किसी अवरोध अथवा खतरे से आगाह कर सके। संवाद

निगोही में हाईवे पर कोहरे के दौरान आए दिन हो रहे हादसे
निगोही। लिपुलेख-भिंड हाईवे पर कस्बे के अंदर और कैमुआ पुल से लेकर बीसलपुर तक कई जगह बीच और किनारे की सफेद पट्टियां नहीं होने से घने कोहरे में वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है और उन्हें हर समय हादसे का डर सताता रहता है। हाईवे पर कहीं भी खतरे से आगाह करने वाले संकेतक और रेडियम वाली कैट आई भी नहीं लगाई गई हैं, जिन्हें देखकर वाहन चालक अपनी लेन में बने रहें। एनएचएआई के सहायक अभियंता अश्वनी सिंह ने बताया कि हाईवे पर सफेद पट्टियां डालने के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी हैं और उसे स्वीकृति मिलते ही यह काम कराया जाएगा। संवाद


हाईवे पर छुट्टा पशु बने मुसीबत
जलालाबाद। घने कोहरे के बीच हाईवे से लेकर विभिन्न गांवों को जाने वाली सड़कों पर बड़ी संख्या में घूमने वाले छुट्टा पशु राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति बरेली फर्रुखाबाद हाईवे की है। यहां अल्हागंज से लेकर मदनापुर के बीच सुगसुगी, चौरसिया, दहेना, गोरा, बझेड़ा, रौली बौरी, कोला मोड़, बरुआरी माल्हूपुर मोड़, खाईखेड़ा, अतिबरा, बरुआ आदि गांवों के सामने बड़ी संख्या में पशुओं के झुंड घूमते रहते हैं। ये पशु रात में हाईवे पर आ जाते है। यही हाल शाहजहांपुर जाने वाली रोड के साथ क्षेत्र के विभिन्न गांव को जाने वाले लिंक रोड का भी है। कोहरे में पशु दिखाई न देने से अक्सर हादसे होते हैं। बीडीओ विकास किशोर ने बताया कि जेरा रहीमपुर, डहर, डोलापुर व बझेड़ा मे अस्थायी नई गोशालाएं बन गईं हैं। अभियान चलाकर पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजा जाएगा। संवाद
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जलालाबाद हाईवे पर रेलिंग उखड़ जाने से छुट्टा पशु बने मुसीबत

मीरानपुर कटरा। जलालाबाद हाईवे पर छुट्टा पशुओं को जाने से रोकने के लिए दोनों किनारों पर लगाई गई रेलिंग कई जगह उखाड़ कर गायब कर दी गई हैं। इस कारण हाईवे पर छुट्टा पशुओं की घुसपैठ बढ़ जाने से हर समय हादसे होने की आशंका बना रहता है। हाईवे के दोनों किनारों पर यह रेलिंग नगर के मुख्य चौराहे से लेकर फीलनगर गांव के मोड़ तक और खैरपुर चौराहे के पास लगाई गईं थीं। चौराहे पर कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने से रेलिंग उखाड़ कर हटा दीं। मोहल्ला रामनगर काॅलोनी और खैरपुर चौराहे पर भी कई जगह रेलिंग गायब हो गई हैं। अब घने कोहरे में भी इन स्थानों पर छुट्टा पशु हर समय हाईवे पर घूमते देखे जा सकते हैं। एनएचएआई के साइट इंजीनियर नईम खां ने बताया कि इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराकर रेलिंग जल्द ठीक कराई जाएगी। संवाद

कोहरे के कारण हादसे न हों, इसके लिए एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। सड़क पर सफेद पट्टी व अन्य सुरक्षा मानकों के लिए निर्देशित किया जाएगा।
- रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन

निगोही में हाईवे पर नहीं पड़ी सफेद पट्टी। संवाद- फोटो : गूजीपुर गांव स्थित बाग में बनी पक्की पिच दिखाते प्रशांत वीर के छोटे भाई आर्यवीर।

निगोही में हाईवे पर नहीं पड़ी सफेद पट्टी। संवाद- फोटो : गूजीपुर गांव स्थित बाग में बनी पक्की पिच दिखाते प्रशांत वीर के छोटे भाई आर्यवीर।

निगोही में हाईवे पर नहीं पड़ी सफेद पट्टी। संवाद- फोटो : गूजीपुर गांव स्थित बाग में बनी पक्की पिच दिखाते प्रशांत वीर के छोटे भाई आर्यवीर।

निगोही में हाईवे पर नहीं पड़ी सफेद पट्टी। संवाद- फोटो : गूजीपुर गांव स्थित बाग में बनी पक्की पिच दिखाते प्रशांत वीर के छोटे भाई आर्यवीर।

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