खुटार। गांव सिल्हुआ के किसान सुशील कुमार पांडे ने रविवार शाम खेतों के पास हाईवे से गांव जाने वाले मार्ग पर तेंदुआ देखकर शोर मचाते हुए भागकर जान बचाई। शोर होने पर तेंदुआ भी गन्ने के खेत में चला गया।
सुशील कुमार पांडे ने बताया कि रविवार शाम सात बजे के करीब वह खेत पर छुट्टा पशुओं को भगाने जा रहे थे। शाहजहांपुर पलिया हाईवे से गांव सिल्हुआ जाने वाले रोड पर कोल्ड स्टोर से कुछ दूर हाईमास्ट लाइट की रोशनी में सड़क पर तेंदुए को खड़ा देख वह शोर मचाते हुए भाग निकले। कुछ दूर जाकर कॉल कर परिजनों को सूचना दी। जानकारी पाकर सुशील के भाई रमेश पांडे, अनुराग पांडे, अनमोल पांडे सहित गांव के तमाम लोग लाठी-डंडे लेकर शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे। शोर होने पर तेंदुआ गांव के पास के इंटर कॉलेज के पास से गन्ने के खेत में चला गया।
गांव के लोगों ने बताया कि पास के गांव सौंफरी में खेत से कुछ दिन पूर्व तेंदुए का शावक पकड़ा गया था। इसके बाद से मादा तेंदुआ सौंफरी, रजमना, पिपरिया भागवंत, सिल्हुआ, रुजहा आदि गांवों के आसपास घूम रही है। घने कोहरे और सर्दी में भी किसानों काे छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए खेतों पर जाना पड़ता है, ऐसे में मादा तेंदुए से बड़ा खतरा है।
प्राथमिक स्कूल और इंटर कॉलेज भी है पास
जिस जगह तेंदुआ देखा गया है, उससे कुछ ही दूर गांव सिल्हुआ का प्राथमिक स्कूल और विनोबा भावे इंटर कॉलेज है। तेंदुआ पास के गन्ने के खेत में रहा तो स्कूल आने जाने वाले बच्चों को भी खतरा हो सकता है। गांव के लोगों ने तेंदुए का पता लगाकर जंगल की आरे खदेड़े जाने की मांग की है।
सिल्हुआ गांव के पास वन्य पशु देखे जाने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। अभी टीम की रिपोर्ट नहीं मिली है। किसान कोहरे में सतर्क रहें और देर शाम से लेकर सुबह कोहरा छंटने तक खेतों पर जाने से बचें।
- मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार