सेहरामऊ दक्षिणी। जानलेवा बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार आने पर शाहाबाद (हरदोई) के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए गए कस्बा निवासी श्यामू के आठ वर्षीय पुत्र शनि की उपचार के दौरान बुधवार देर रात मौत हो गई। बीते 15 दिन में इस परिवार में बुखार से तीसरे बच्चे की मौत होने से कोहराम मच गया। अन्य लोगों में भी दहशत है।
श्यामू ने बताया कि शनि को दो दिन पहले तेज बुखार आया था। एक डॉक्टर को दिखाने पर कोई लाभ नहीं हुआ तो उसे शाहाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया। बुखार से बालक की मौत होने की सूचना पर पीएचसी पर तैनात डॉ. उस्मान अली ने अपनी टीम के साथ घर जाकर परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच की।
इस दौरान शनि की मां कन्या देवी को बुखार होने पर डॉक्टर ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का आग्रह किया, लेकिन बेटा खो चुकी मां ने अस्पताल में भर्ती होने से इन्कार कर दिया।
बता दें कि श्यामू के बड़े भाई रामू की पांच वर्षीय पुत्री किरन की बुखार से गत 14 अक्तूबर को राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। इसके बाद रामू के सात वर्षीय पुत्र अजय को बुखार आया। उसे शाहाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाने पर हालत नहीं सुधरी। बाद में परिजन उसे बरेली ले जा रहे थे, रास्ते में उसकी भी मौत हो गई थी।
दो बच्चों की मौत की सूचना पर एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य टीम के साथ घर-घर जांच कर रामू के आठ माह के पुत्र कृष्णा, तीन वर्षीय पुत्री नैना और श्यामू की पुत्री मानशी, पुत्र लंकुश और शनि को बुखार से पीड़ित पाए जाने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा था। वहां सभी बच्चों के स्वस्थ होने पर उन्हें घर भेज दिया गया था।
मां और बहन को कराया भर्ती
सेहरामऊ दक्षिणी। श्यामू के बेटे शनि की बुखार से मौत के बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम ने परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की। टीम में शामिल डॉ. उस्मान अली ने शनि की मां कन्या देवी और बहन मानसी के बुखारग्रस्त होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के लिए कहा। इस पर सभी ने उस समय अस्पताल जाने से इन्कार कर दिया था।
शाम करीब सात बजे श्यामू अपनी पत्नी कन्या देवी तथा पुत्री मानसी को सरकारी एंबुलेंस से लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचा। श्यामू ने बताया कि यहां पर ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने मरीजों को भर्ती कराने में हीलाहवाली की। इसके बाद उन्होंने डॉ. उस्मान को जानकारी दी। तब जाकर करीब 45 मिनट बाद मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। संवाद