कलक्ट्रेट में मॉकड्रिल के दौरान उपस्थित डीएम व अन्य अधिकारी। स्रोत : सूचना विभाग
शाहजहांपुर। डीएम एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के निर्देशन में कलक्ट्रेट परिसर में शाम 06:00 बजे से ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्धकालीन परिस्थितियों या किसी भी हवाई हमले की स्थिति में जान-माल की रक्षा के लिए नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को परखना और आम जनमानस को सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक करना था।
मॉकड्रिल की शुरुआत सायं ठीक 06:00 बजे खतरे के सायरन से हुई। सायरन गूंजते ही संपूर्ण कलक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कलक्ट्रेट में उपस्थित रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी की। सायरन बजते ही नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों और वाॅर्डनों ने अपनी-अपनी चौकियों पर मोर्चा संभाला और यह सुनिश्चित किया कि कहीं से भी प्रकाश की किरण बाहर न दिखे।
डीएम ने अभ्यास के समापन पर उपस्थित अधिकारियों और नागरिक सुरक्षा कर्मियों, आपदा मित्रों, होमगार्ड, एनसीसी, पुलिस कर्मियों आदि को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूलमंत्र निष्काम सेवा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक युग में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता, बल्कि शहरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि ब्लैकआउट का अर्थ केवल लाइट बंद करना नहीं है, बल्कि दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए टारगेट पहचानना असंभव बनाना है। आज की मॉकड्रिल में सायरन सिस्टम की कार्यप्रणाली, संचार व्यवस्था और स्वयंसेवकों के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई, जो अत्यंत संतोषजनक रही।
कलक्ट्रेट परिसर में प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा और अग्निशमन का भी प्रदर्शन किया गया। सुरक्षा वार्डनों ने गलियों और सड़कों पर गश्त कर लोगों को घरों के अंदर रहने और लाइटें बंद रखने की हिदायत दी। यातायात नियंत्रण अभ्यास के दौरान सड़क पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद कराई गईं। शाम 06:30 बजे ऑल क्लियर का सायरन बजने के साथ ही विद्युत आपूर्ति बहाल की गई।