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मरने वालों में एक परिवार के तीन लोग

Sun, 15 Jun 2014 05:33 AM IST
Shahjahanpur
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मिर्जापुर क्षेत्र के गांव के नौ लोगों की मौत का मामला
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पिता-पुत्र की हादसे में हुई मौत, भाई की भी मौत
- साइकिल सवार को बचाने के दौरान हुआ हादसा
- सेफ्टी बेल्ट नहीं बांध रखा था स्कार्पियो चालक ने
- सीएचसी पर व्यवस्थाएं बदहाल, मची अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई/भरखनी। बिल्हौर-कटरा हाईवे पर हुए सड़क हादसे में मरने वालों में पिता-पुत्र शामिल थे, साथ ही परिवार के एक अन्य सदस्य की भी मौत हो गई। घटना से गांव में मातम छा गया। शवोें को देख सभी की आंखें नम हो गईं। सभी इस दुर्घटना से आहत थे। उधर, स्कार्पियो चालक ने सीट बेल्ट भी नहीं बांध रखी थी।
बिल्हौर-कटरा हाईवे पर हुए हादसे में मृतक इंद्रपाल अपने पुत्र सर्वेश और भाई सोनेलाल के साथ बारात में शामिल होने गए थे, जिसमें तीनों की मौत हो गई। उसके चार पुत्र और तीन पुत्रियां थीं। रजनीश चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। सोने लाल के दो पुत्र है। जानकारी होते ही गांव में मातम छा गया। हर तरफ कोहराम मचा हुआ था। उधर, घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त स्कार्पियो में फंसा चालक सेफ्टी बेल्ट बांधे नहीं दिखा। हालांकि, गंभीर हालत में घायल चालक को गाड़ी से जैसे तैसे बाहर निकाला गया, पर उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। दुर्घटना के बाबत लोगों की मानें तो एक साइकिल सवार को बचाने में हादसा हो गया। साइकिल सवार को बचाने को स्कार्पियो और ट्रक एक ही साइड में पहुंच गए।
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इससे उनके बीच आमने सामने टक्कर हो गई। जिला अस्पताल में शव पहले पहुंच गए। उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। इस पर एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने एसपी शाहजहांपुर से घरवालों को सूचना पहुंचाने को वार्ता की। वहीं एएसपी पश्चिमी दिनेश त्रिपाठी ने एसओ मिर्जापुर को घटना को गांव पहुंचकर घरवालों को भेजने के निर्देश दिए। उधर, भीषण सड़क हादसे की जानकारी लगते ही एसडीएम सवायजपुर पीपी तिवारी, तहसीलदार सवायजपुर दिनेश सिंह, सीएमओ डा. वीके गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डा. अश्वनी कुमार, सीएमएस डा. पीएन सिंह, नगर मजिस्ट्रेट, शहर कोतवाली, देहात कोतवाली प्रभारी आदि जिला अस्पताल पहुंचे।
उधर, सड़क हादसों में घायलों को पहले भरखनी सीएचसी पर पहुंचाया गया, जहां व्यवस्था बदहाल थी। यहां न तो बिजली मिली न ही अन्य व्यवस्थाएं। घायलों को अस्पताल कर्मी इधर-उधर खींचकर डाल रहे थे। बच्चे पानी को तड़प रहे थे, पर उनकी दशा देख महकमे के कर्मियों का भी दिल नहीं पिघला। मरहम पट्टी तक न होती देख गुस्साएं समाजसेवी आलोक शुक्ला व अनुपम दीक्षित ने शिकायत अफसरों से की। तब जाकर घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया।



बीमा योजना से मिल
सकेगा आर्थिक लाभ
हरदोई। डीएम रमेश मिश्र ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए कहा कि सड़क हादसों में मरने वालों के लिए कोई आर्थिक सहयोग का प्रावधान नहीं है। मृतकों को किसान बीमा आदि योजना से आर्थिक लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा अगर कोई अन्य बीमा हो तो लाभ दिया जा सकता है। जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनको वहां का जिला प्रशासन अपने स्तर से लाभ दे सकता है। उन्होंने सड़क हादसों को रोकने को यातायात नियमों को गंभीरता से पालन कराने के निर्देश दिए।


गांव में छाया मातमी सन्नाटा
मिर्जापुर। गांव के नौ लोगों की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है। जिनके घर के लोग दुर्घटना में मरे हैं, उनके घर में महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई दे रहा है। गांव की महिलाएं मृतक के परिवारों के साथ दुख जता रही है, तो गांव के पुरुष शनिवार शाम तक गांव के बाहर बाग में शवों के आने का इंतजार कर रहे।

दुल्हन भी भर रही है सिसकियां
दुर्घटना में मरने वालों में दूल्हा राजीव का तहेरा भाई आठ वर्षीय अमित (सुरेश का बेटा) भी है। इसके चलते इस घर में विदा होकर आई नववधू भी ससुराल वालों के साथ सिसकारियां भर रही है।
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दुर्घटना मे मारे गए लोग अधिकांश गरीब और मजदूर तबके के हैं। बृहस्पतिवार को आई तेज आंधी ने इन परिवारों के छप्पर उड़ाकर बेघर कर दिया था। चूंकि शादी की तारीख पहले से तय थी, सो उसी खराब हाल में शुक्रवार को जैसे-तैसे बारात चली गई। शादी की खुशियों ने कुछ हद तक इन जख्मों को शांत कर दिया था, मगर अब खुले आसमान के नीचे पड़ेे परिवार के कमाऊ सदस्य के निधन होने के बाद घर की महिलाओं और बच्चों का बुरा हाल है। उनकी करुण क्रंदन सुनकर देखने वाले भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।
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