दोषपुरनागर के श्यामवीर का कोटा हो गया था निलंबित
- अपने मेंथा प्लांट से निकला था मजदूरों को बुलाने
- हत्यारे मृतक की लाइसेंसी बंदूक भी साथ ले गए
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। मेंथा प्लांट चलाने वाले दोषपुरनागर के निलंबित चल रहे राशन कोटेदार श्यामवीर सिंह की इसी कोटे की रंजिश में सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज तो कर ली है, मगर अभी जांच जारी होने के कारण नाम खोलने से बच रही है। हत्यारे श्यामवीर की लाइसेंसी बंदूक भी उठा ले गए, बाद में यह अलग-अलग टुकड़ों में पड़ी मिल गई, साथ में ले जाए गए कारतूस की पेटी भी बरामद कर ली गई।
श्यामवीर उर्फ बगड़े गांव दोषपुरनागर के ही रहने वाले जोगेंद्र का बेटा था। करीब 45 वर्षीय श्यामवीर ने गांव से लगभग दो सौ मीटर दूर फर्रुखाबाद रोड पर मेेंथा प्लांट लगा रखा था। श्यामवीर के छोटेे भाई कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब साढे़ आठ बजेे श्यामवीर घर से खाना लेकर प्लांट पर गया था। वहां मेंथा पिरा रहे गांव केे प्रहलाद सिंह ने बताया था कि रात करीब नौ बजे श्यामवीर खाना खाने के बाद प्लांट के मजदूरों को बुलाने गांव की ओर चले गए थे।
प्रहलाद के मुताबिक उसने काफी तलाश भी की, मगर कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे श्यामवीर उर्फ बगड़े का शव प्लांट से गांव कोे जाने वाले खड़ंजा मार्ग के किनारे पड़ा देखा गया तो पता चला कि उसकी तो सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है। सूचना पर एएसपी ग्रामीण प्रबल प्रताप सिंह, सीओ सुधीर त्यागी तथा थाना प्रभारी आरएन चौधरी डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे। खोजी कुत्ता शव को सूंघने के बाद गांव की तरफ जाकर प्लांट पर पहुंचा।
परिवार वालों ने भी
कोटे की रंजिश बताई
भाई कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि श्यामवीर उर्फ बगड़े ने अपनी पत्नी कुसुमलता से कहा था कि उनका राशन कोटा लोगों ने झूठी शिकायतें करके निलंबित करवा दिया है। ये लोेग उसके पीछे पड़े हैं। यदि उसे कोई जानमाल का नुकसान पहुंचता है, तो शिकायत करने वाले ही जिम्मेदार होंगेे। घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी कुसुमलता ने चार लोगों के विरूद्ध नामजद दर्ज करवाई है। खोजी कुत्ते के गांव की तरफ जाने और दूसरे तथ्यों के आधार पर साफ है कि हत्यारे हैं ही गांव के, चाहें वे नामजद हों या दूसरे लोग।
पुलिस ने बारीकी से
नहीं किया निरीक्षण
हत्या जैसे संवेदनशील मामले में भी पुलिस ने घटनास्थल का शायद बारीकी से निरीक्षण नहीं किया। पुलिस को शव केे पास से मृतक की बंदूक की कारतूसोें से भरी हुई पेटी और बंदूक की चाप तो मिल गई, किंतु बंदूक की बट का टूटा हुआ हिस्सा दिखाई ही नहीं दिया। इसे गांव वालों ने ढूंढा।