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हंगामे के बाद भाकियू पदाधिकारियों ने तोड़ा अनशन

Fri, 06 Jun 2014 05:33 AM IST
Shahjahanpur
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कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से दिन भर गूंजा कलक्ट्रेट कैंपस
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- डीएम ने मिल प्रतिनिधियों को तलब करके की बातचीत
- वार्ता से संतुष्ट पदाधिकारियों को अफसरों ने पिलाया जूस
- रोजा चीनी मिल के विरुद्घ होगी धारा 3/7 के तहत कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। किसानों को चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य दिलाने के लिए कलक्ट्रेट पर चार दिन से आमरण अनशन पर डटे भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तीखे तेवर अपनाते हुए जमकर हंगामा किया। उनकी नारेबाजी से दिन भर कलक्ट्रेट कैंपस गूंजता रहा। भाकियू पदाधिकारी तभी पसीजे जब डीएम अपर्णा यू ने मिल प्रतिनिधियों को तलब करके उनके सामने वार्ता की और रोजा चीनी मिल के विरुद्घ धारा 3/7 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बकाया भुगतान के लिए एक सप्ताह तक धरना देने के बाद चार रोज पहले भाकियू जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव, उपाध्यक्ष श्याम किशोर अग्निहोत्री और सदर तहसील अध्यक्ष रामनरेश यादव ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। बुधवार की रात भाकियू नेता श्याम किशोर को अफसरों ने अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इसस यूनियन क कार्यकर्ताओं में नाराजगी और बढ़ गई। श्याम किशोर अस्पताल में कुछ घंटे रुकने के बाद ही देर रात फिर कलक्ट्रेट जाकर अनशन पर डट गए।
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बृहस्पतिवार को प्रशासन स्तर से उत्पीड़न की कार्यवाही का अंदेशा देख सुबह होते ही पदाधिकारियों ने फोन करके यूनियन के कार्यकर्ताओं को बुलाना शुरू कर दिया। पूर्वांह 11 बजे तक वहां भाकियू कार्यकर्ताओं की खासी जमात इकट्ठा देख पदाधिकारी भी आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए। महासचिव राशिराम वर्मा ने अनशनकारियों की उपेक्षा केलिए अफसरों को कोसना शुरू किया तो कार्यकर्ता भी जोश में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब दो घंटे तक प्रदर्शन का दौर चलने पर भी अफसर नहीं चेते तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीएम दफ्तर के सामने जाकर चीखना शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख एडीएम पीक श्रीवास्तव ने कर्मचारियों केजरिए वार्ता का प्रस्ताव भेजा, लेकिन भाकियू पदाधिकारी उनके पास पहुंचे तो उन्हें डीएम से मिलने का रास्ता दिखा दिया गया। इससे भाकियू कार्यकर्ता बिफर उठे और धरना स्थल पर ही ‘मैडम’ से वार्ता को अड़ गए।
इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को मनाकर वार्ता की मेज पर लाने के प्रशासनिक प्रयास तेज हो गए। कार्यकर्ताओं ने साफ कह दिया कि सिर्फ वार्ता नहीं होगी, नतीजे भी चाहिए। इस पर डीएम ने सभी मिल प्रतिनिधि तलब कर लिए और शाम करीब चार बजे भाकियू पदाधिकारियों को बुलाकर उनसे बात शुरू की। डीएम ने मिल प्रतिनिधियों को एक निश्चित शिड्यूल बनाकर बकाया भुगतान करने केनिर्देश दिए। रोजा चीनी मिल द्वारा कम भुगतान किए जाने पर धारा 3/7 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
मिल प्रतिनिधियों से डीएम कड़ाई से पेश आईं तो भाकियू नेताओं को भी बकाया भुगतान जल्द मिलने की उम्मीद जागी और वे अनशन खत्म करने को राजी हो गए। पदाधिकारियों को संतुष्ट देख एडीएम सहित सिटी मजिस्ट्रेट सीताराम गुप्त, सीओ सिटी राजेश्वर सिंह आदि धरना स्थल पर पहुंचे और तीनों पदाधिकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करा दिया।
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किसानों को इस तरह
होगा बकाया भुगतान
डीएम को मकसूदापुर मिल प्रतिनिधि ने 10 करोड़ रुपये और रोजा मिल प्रतिनिधि ने 3.39 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के साथ 57 लाख रुपये केन सोसाइटी कमीशन का भुगतान करने की जानकारी दी। साथ ही अवशेष बकाया का जल्द भुगतान करने का वायदा किया। सहकारी क्षेत्र की पुवायां और तिलहर मिल प्रतिनिधियों ने बताया कि बकाया भुगतान के लिए चीनी फेडरेशन से धनराशि मांगी गई है। अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए डीएम ने एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
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