कहीं बल्ब टिमटिमाए, तो कहीं बर्स्ट हो गईं सीएफएल
- आनंदपुरम् सहित कई इलाकों में दिखावटी बनी सप्लाई
- हद्दफ और मामुड़ी में हाई वोल्टेज से फुंके घरेलू उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। कटौती और लाइन फाल्ट के कारण बिजली संकट से जूझ रहे शहर के बाशिंदों के लिए पिछले दो दिन से असमान वोल्टेज की बिजली सप्लाई सिरदर्द बन गई है। ककरा सब स्टेशन के दो फीडरों में एक पर कम तो दूसरे पर अधिक वोल्टेज की सप्लाई आने से कहीं बिजली उपकरण दिखावटी बने रहे, तो कहीं ज्यादा वोल्टेज से खराब हो गए।
रविवार को सुबह मामुड़ी, हद्दफ, सुभाषनगर आदि क्षेत्रों में अधिक वोल्टेज की बिजली से कई घरों की सीएफएल बर्स्ट हो गईं। दूसरी ओर आनंदपुरम्, बिजलीपुरा, चारखंभा आदि फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में न तो पंखे चल पा रहे हैं और न ही सबमर्सिबल पंप। इससे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को बिजली होने पर भी उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इन दिनों भीषण गर्मी के बावजूद रोजाना नौ घंटे की बिजली कटौती के साथ आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने, लाइन फाल्ट आदि से उत्पन्न बिजली संकट जन सामान्य के लिए किसी सजा से कम नहीं है। बिजली मिल भी जाए तो वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव हो रहा है। ज्यादातर इलाकों में 160 वोल्टेज पहुंच रहा है। जिससे पंखे-कूलर पेंडुलम जैसी चाल से सिर्फ घूमते भर हैं, हवा नहीं दे पाते।
180 से 220 वोल्ट
की बिजली उपयोगी
बिजली अभियंता भी मानते हैं कि वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव न केवल पॉवर नेटवर्क, बल्कि घरेलू उपयोग के लिए भी नुकसान देय है। घरों और प्रतिष्ठानों के लिए 180 से 220 वोल्ट तक की बिजली सप्लाई उपयोगी है। इससे कम वोल्टेज की बिजली का इस्तेमाल करने पर पंखे-कूलर, फ्रिज आदि उपकरणों पर अधिक लोड पड़ने से वे बेहतर परफॉर्म नहीं दे पाते और उनके खराब होने का डर रहता है। वोल्टेज 220 से ज्यादा होने की दशा में घरेलू उपकरणों को फुंकने से बचाने के लिए एकमात्र विकल्प यही है कि मीटर के पास घर की मेन लाइन से स्टेबलाइजर जोड़कर उससे वोल्टेज नियंत्रित किया जाए।
नेटवर्क की खामियां बढ़ा
रही वोल्टेज समस्या
बिजली नेटवर्क की खामियां शहरी क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या को बढ़ावा दे रही हैं। बहादुरगंज पॉवर सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता शैलेंद्र पांडेय के अनुसार जिन क्षेत्रों में बिजली की मांग अधिक है, वहां ओवरलोडिंग से वोल्टेज का ग्राफ गिरने की शिकायतें मिल रही हैं। हाई वोल्टेज की सप्लाई तभी होती है जब आसपास किसी लाइन फाल्ट से प्रभावित क्षेत्र में बिजली की डिमांड घट जाती है। दोनों ही स्थितियों में बिजली नेटवर्क में कमियां अहम् भूमिका निभाती हैं।