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ट्रेड टैक्स न भरने पर कारोबारी को पकड़ा

Thu, 29 May 2014 05:36 AM IST
Shahjahanpur
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राजस्व टीम ने 21.51 लाख के सापेक्ष जमा कराए तीन लाख रुपये
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- शेष देनदारी दस दिन के भीतर चुकाने का अभिनव ओमर ने दिया शपथ पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मोहल्ला खिरनीबाग निवासी व्यापारी अभिनव ओमर को व्यापार कर (ट्रेड टैक्स) का 21 लाख 51 हजार 800 रुपये बकाया अदा न करने पर बुधवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने धर दबोचा। सदर तहसील ले जाने पर राजस्व हवालात में जाने से बचाने के लिए बाकीदार व्यापारी ने मौके पर तीन लाख रुपये जमा कर दिए। साथ ही शेष देनदारी दस दिन के अंदर चुकाने का शपथ पत्र भी दिया है।
वाकया सुबह करीब 11 बजे का है। व्यापारी अभिनव घर में ही मौजूद थे, तभी नायब तहसीलदार वंदना त्रिवेदी ने संग्रह अमीन के साथ वहां छापा मार कर उन्हें पकड़ लिया। पहले तो व्यापारी ने अपना रुतबा गालिब करना चाहा, लेकिन नायब तहसीलदार का कड़ा रुख देखकर वह चुपचाप गाड़ी में बैठकर चले गए। सदर तहसील में अफसरों ने व्यापारी को हवालात में डाल दिया।
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अभिनव के पकड़े जाने की बात पता चलते ही कई व्यापारी सदर तहसील परिसर में उनकी पैरोकारी में पहुंच गए, जहां तहसीलदार रजनीश चंद्र ने उनकी एक न सुनी। साथ ही बकाया जमा करवाने के निर्देश देकर वापस कर दिया। आखिर में कोई रास्ता न देख अभिनव के पिता अनिल कुमार गुप्ता ने तीन लाख रुपये जमा किए। वहीं, अभिनव ने शपथ पत्र देकर बाकी के 18 लाख 51 हजार 800 रुपये 10 दिनों में जमा करने का आश्वासन दिया।


‘अभिनव ओमर पर काफी समय से व्यापार कर का काफी धन बकाया था, जिसके तहत आरसी काटकर जिला प्रशासन को दे दी गई थी। इसी के तहत व्यापारी पर कार्रवाई करके टैक्स का बकाया जमा करवाया गया है।’
- दिनेश कुमार, डिप्टी कमिश्नर ट्रेड टैक्स


‘शासन से राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश मिले हैं, जिसके तहत वसूली की जा रही है। इसलिए छोटे-बड़े सभी बकाएदारों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अन्य बकाएदारों ने अगर धनराशि जमा नहीं की तो उन पर भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।’
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- रजनीश चंद्र, तहसीलदार


एक और बकाएदार से
50 हजार जमा कराए
स्टांप शुल्क के एक बकाएदार मुजफ्फर खां को भी बुधवार को पकड़ लिया गया। उनसे भी मौके पर 50 हजार रुपये राजस्व जमा करवाया गया। इससे पहले भी उनसे डेढ़ लाख रुपया जमा करवाया जा चुका है। मुजफ्फर खां पर तीन लाख 70 हजार रुपये का बकाया था। व्यापारी ने शपथ पत्र देकर बाकी करीब एक लाख 70 हजार रुपये भी 10 दिनों के अंदर जमा करने का वादा किया है।
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