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प्रचार सामग्री न हटाए जाने से डीएम नाराज

Mon, 17 Mar 2014 05:33 AM IST
Shahjahanpur
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भ्रमण के दौरान जगह-जगह लगे पाए बैनर-पोस्टर
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- चुनाव प्रेक्षक स्तर से कार्रवाई को लेकर किया सचेत
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद जिले में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई। इसी के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और उनके प्रत्याशियों के प्रचार को सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आदि हटाए जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। बावजूद इसके कई स्थानों पर सियासी बैनर-पोस्टर लगे देख डीएम राजमणि यादव खासे खफा हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आगाह किया है कि आचार संहिता उल्लंघन के मामले चुनाव प्रेक्षक के संज्ञान में आने पर उनके विरुद्घ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पांच मार्च को लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की अधिकृत घोषणा होने के तुरंत बाद डीएम ने शहर समेत जिले में सार्वजनिक स्थानों पर लगी राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाने के आदेश दिए। सहायक रिटर्निंग ऑफीसर बनाए गए सिटी मजिस्ट्रेट सीताराम गुप्त, एसडीएम जयनाथ यादव और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम लाल बहादुर ने उसी दिन से नगरपालिका परिषद का अमला साथ लेकर सियासी बैनर-पोस्टर हटाने का काम शुरू करा दिया।
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इसकी शुरुआत कलक्ट्रेट कैंपस में लगे सरकारी फ्लैक्सी होर्डिंग हटाने से हुई जिससे कि राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में सकारात्मक संदेश जाए और वे भी ऐसा करने को प्रेरित हों। कुछ पार्टियों और प्रत्याशियों केसमर्थकों ने आचार संहिता केपालन में दिलचस्पी दिखाते हुए अपनी प्रचार सामग्री स्वयं हटाई। इसके बावजूद विभिन्न स्थानों पर जगह घेरे रखने की गरज से वहां लगी प्रचार सामग्री नहीं हटाई गई।
शनिवार को डीएम शहर के भ्रमण पर निकले तो कुछ स्थानों पर चुनाव प्रचार सामग्री जस की तस लगी देख उनकी भवें तन गईं। पूछे जाने पर आसपास के लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में प्रचार सामग्री हटाने न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही नगरपालिका परिषद की जेसीबी अथवा हाइड्रोलिक मशीन आई। इसे डीएम ने गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ा पत्र जारी किया है।
पत्र में डीएम ने प्रचार सामग्री जल्द से जल्द हटाने के निर्देश दोहराते हुए कहा है कि उन्होंने स्वयं कई स्थानों पर अनधिकृत चुनाव प्रचार सामग्री लगी पाई और अन्य स्रोतों से भी पता चला कि ऐसी प्रचार सामग्री अन्य कई स्थानों पर भी राजनीतिक दलों ने प्रदर्शित कर रखी है। यह प्रकरण अत्यंत गंभीर है और निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक द्वारा कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।
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डीएम केअनुसार व्यय प्रेक्षक द्वारा इस बिंदु की समीक्षा भी की जाएगी कि निर्वाचन की घोषणा से लेकर अब तक इस दिशा में क्या कार्यवाही हुई। व्यय प्रेक्षक इस बावत की गई कार्यवाही के प्रमाण और वीडियो साक्ष्य भी मांग सकते हैं। इसलिए प्रचार सामग्री हटाने की कार्यवाही प्रतिदिन करके उसकी रिपोर्ट प्रभारी अधिकारी आचार संहिता को उपलब्ध कराते रहें। इस संबंध में प्रेक्षक स्तर से की जाने वाली किसी भी आपत्ति के लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
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