- व्यय प्रेक्षक की उड़नदस्ता टीमों को कार्रवाई का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों अथवा उनके समर्थकों ने वोट पाने के लिए मतदाताओं को नोट देकर बरगलाने की कोशिश की तो उन्हें एक साल के कारावास और जुर्माना भरने की सजा हो सकती है। विकास भवन सभागार में शनिवार को निर्वाचन व्यय प्रेक्षक की सहायतार्थ गठित उड़नदस्ता टीमों और वीडियोग्राफी की निगरानी टीमों को प्रशिक्षण के दौरान अफसरोें ने चुनाव आयोग के कड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए उसी के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एडीएम प्रशासन शिवपूजन ने कहा कि वोट पाने केलिए कोई व्यक्ति किसी को नगद अथवा कोई वस्तु देकर उपकृत करने में लिप्त पाए जाने पर आयोग ने उसके विरुद्घ भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ख के तहत कार्रवाई केनिर्देश दिए हैं। इस धारा के तहत कारावास अथवा जुर्माना या फिर दोनोें सजाएं हो सकती हैं। किसी मतदाता को धमकाने अथवा चोट पहुंचाने की शिकायत मिलने पर धारा 171 ग के तहत दोनों सजाएं प्रभावी की जाएंगी। इसलिए उड़नदस्ता टीमें ऐेसे मामले प्रकाश में आने पर इन्हीं प्रावधानों के तहत कार्रवाई करें।
वरिष्ठ कोषाधिकारी विशंभर बाबू ने कहा कि मतदाताओं को डराने, धमकाने, किसी भी प्रकार का लालच देने आदि मामलों में उड़नदस्ता टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर रिश्वत समेत गैर कानूनी चीजें जब्त करके उकी वीडियाग्राफी कराएं और संबंधित व्यक्तियों सहित गवाहों के बयान रिकार्ड करेें। ऐेसे मामलों की रिपोर्ट मिलने पर संबंधितों के विरुद्घ एफआईआर कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि वीडियोग्राफी के लिए स्टेटिक टीमें (निगरानी दस्ते) चेक पोस्ट पर मौजूद रहेंगी। उधर से गुजरने वाले संदिग्धों और उनकी गतिविधियों की निगरानी यही टीमें करेंगी। इन टीमों मेें मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल मौजूद रहेगा। प्रशिक्षण में कई एसडीएम, सीओ, थानाध्यक्ष आदि उपस्थित रहे।
चुनाव सभाओं में सिर्फ छह
लाउडस्पीकर होंगे अनुमन्य
डीएम राजमणि यादव ने लोकसभा चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने को जिले में 18 मार्च से 17 मई तक धारा 144 लागू करने के आदेश दिए हैं।
डीएम के अनुसार निषेधाज्ञा की अवधि में होने वाली चुनाव सभाओं में केवल छह लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की इजाजत होगी, लेकिन इसके लिए पहले से लिखित अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। प्रतिबंध यह भी रहेगा कि लाउडस्पीकर सुबह छह से रात दस बजे तक इस्तेमाल हो सकेंगे और उनकी ध्वनि तीव्रता 145 डेसीबल से अधिक नहीं होगी।