कलक्ट्रेट परिसर में डटी रही पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम
- इंतजार के बाद भी शाम तक नहीं पहुंचा बर्खास्त सिपाही
- फरीदपुर के मोहल्ला बक्सरिया का रहने वाला है सुंदर यादव
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। फरीदपुर (बरेली) निवासी बर्खास्त सिपाही सुंदर यादव ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की चेतावनी दी थी, जिससे पूरे दिन पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। पुलिस उसका इंतजार करती रही, मगर देर शाम तक वह नहीं आया।
फरीदपुर के मोहल्ला बक्सरिया निवासी सुंदर यादव नैनीताल के काशीपुर में तैनात थे। उन्हें किसी वजह से पूर्व में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में शनिवार को आत्मदाह की चेतावनी पुलिस को एक पत्र भेजकर दी थी। पत्र के मुताबिक उनका बेटा अमित कुमार यादव 2009 में शहर की कोतवाली में तैनात था। कोतवाली परिसर में ही अपने क्वार्टर में अमित ने जहर खा लिया था, बाद में बरेली के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। अमित की पत्नी मीरा यहां के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौक निवासी सिपाही रजिस्टर सिंह की बेटी है। सुंदर यादव ने अपने बेटे के ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उधर, ससुराल वालों ने भी सुंदर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कुछ दिन पहले दोनों मुकदमों में एफआर लगा दी गई थी।
चार दिन पहले सुंदर यादव ने आरोप लगाया था कि कोर्ट में मुकदमे के सिलसिले में पहुंचने पर ससुराल वालों ने उनके साथ अभद्र टिप्पणी कर दी थी। जिससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा। सुंदर यादव की तहरीर पर थाना सदर बाजार में पांच लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद कार्रवाई न होने पर उन्होंने एसपी कार्यालय में लिखित प्रार्थना पत्र देकर 15 मार्च को कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने की धमकी दी थी। इस वजह से शनिवार को सुबह से ही कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को तैनात कर दिया गया था। देर शाम तक पुलिस सुंदर यादव का इंतजार करती रही, मगर वह नहीं आए।