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कलक्ट्रेट की किलेबंदी शुरू

Sat, 15 Mar 2014 05:32 AM IST
Shahjahanpur
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लोकसभा निर्वाचन के लिए नामांकन प्रक्रिया में बाकी हैं पांच दिन
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- बल्लियों की बैरीकेडिंग से बरामदा घेरने में जुटे मजदूर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। लोकसभा निर्वाचन के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में अभी भले ही पांच दिन बाकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कलक्ट्रेट कैंपस की किलेबंदी का काम शुक्रवार से शुरू करा दिया। पहले चरण में मजदूरों का जत्था कलक्ट्रेट का बरामदा बल्लियों की बैरीकेडिंग से घेरने में जुट गया है। खिरनीबाग चौराहे सहित पुलिस कार्यालय और रेलवे फ्लाईओवर वाले तिराहे पर बल्लियों की बाड़ अंतिम चरण में लगाई जाएगी।
हर चुनाव में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उम्मीदवारी के पर्चे दाखिल करने वाले प्रत्याशी शक्ति प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों के हुजूम केसाथ कलक्ट्रेट पहुंचते हैं। आयोग द्वारा जब से नामांकन जुलूसों पर सख्ती की गई, बैरीकेडिंग का दायरा भी बढ़ाया जाने लगा। पहले दो सुरक्षा चक्रों वाली बैरीकेडिंग कलक्ट्रेट गेट और परिसर के अंदर कैंटीन के पास की जाती थी। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव से बैरीकेडिंग का तीन चक्रों वाला सुरक्षा घेरा बनाया जाने लगा।
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चूंकि, नामांकन प्रक्रिया 19 मार्च से शुरू हो रही है। इसलिए बैरीकेडिंग का काम समय से पूरा करने के लिए प्रशासन ने आज से पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी और मजदूर जुटा दिए। इसकी शुरुआत कलक्ट्रेट कैंपस के बरामदों की घेराबंदी से की गई है। यह काम ट्रेजरी ऑफिस केपीछे के बरामदों में भी होना है। दूसरे चरण में कलक्ट्रेट के पोर्च, कैंटीन केसामने और मेन गेट पर बल्लियों की बाड़ लगाई जाएगी।
बैरीकेडिंग का अंतिम चरण होली अवकाश के दौरान पूरा होने की उम्मीद है। इसके तहत कलक्ट्रेट गेट के दोनों ओर स्थित तिराहों और खिरनीबाग चौराहे पर बल्लियों की रोक लगाई जाएगी। 26 मार्च तक नामांकन अवधि में कलक्ट्रेट गेट के सामने का यातायात खिरनीबाग चौराहे से जीआईसी तिराहा और पुराने एसपी ऑफिस के सामने होकर रेलवे फ्लाईओवर की ओर निकाला जाएगा। विपरीत दिशा से आने वाले वाहन भी इसी रूट पर डायवर्ट किए जाएंगे।
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धरना स्थल से हटेंगे पीड़ित परिवार!
कलक्ट्रेट कैंपस की बल्लियों से घेराबंदी होते देख वहां विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर को धरना देने वाले पीड़ितों को वहां से खदेड़े जाने की आशंका सताने लगी है। इन पीड़ितों में अपहृत बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर सवा साल से सत्याग्रह पर डटे बिजलीपुरा केदंपति समेत कई लोग शामिल हैं। सिटी मजिस्ट्रेट सीताराम गुप्त के अनुसार बैरीकेडिंग इस तरह की जा रही है कि धरना स्थल पर मौजूद लोग अफसरों की इजाजत के बगैर अंदर नहीं आ सकें। बावजूद इसके यदि जरूरत पड़ी तो धरना स्थल पर बैठे लोग अधिकारियों के आदेशानुसार हटा दिए जाएंगे।
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