मंगलवार को फिर बढ़ा नदियों का जलस्तर
- बैराजों से रिलीज हुआ 2.50 लाख क्यूसेक पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गंगा और उसकी सहायक रामगंगा की बाढ़ जलालाबाद तहसील के तमाम गांवों में फिर से कहर ढाने लगी है। बैराजों से छूट रहे पानी से जलस्तर में बढ़ोत्तरी मंगलवार को भी जारी रही। इस कारण नदियां भी अपने पेटे से बाहर निकलकर तटवर्ती इलाकों को जलमग्न कर रही हैं। इसी के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन और सिंचाई विभाग ने सतर्कता बढ़ाने के साथ बाढ़ निगरानी चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
शारदा नहर खंड के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को आज मिली सूचनाओं के अनुसार बदायूं के कछला घाट पर गंगा पांच सेमी और जिले के ढाई घाट स्थित भैंसार तटबंध पर चार सेमी बढ़ गई है। खास यह है कि नरौरा उसे बीते दिन छूटा 2.11 लाख क्यूसेक पानी अभी बदायूं से यहां नहीं पहुंचा कि आज फिर बैराज से दो लाख 19 हजार 833 क्यूसेक पानी रिलीज हो गया। माना जा रहा है कि यह अथाह जलराशि यहां से पास होने की दशा में बाढ़ को भयावह बना सकती है।
इधर, बाढ़ के हालात इतने खराब हैं कि मिर्जापुर और कलान ब्लॉक के जो गांव हाल ही में बाढ़ की विभीषिका से उबर पाए थे, वे फिर से पानी से घिरने लगे हैं। कोला रोड पर पानी फिर से ठोकरें मारने लगा है। यही हाल रहा तो अगले 24 से 48 घंटे में पानी रोड पर आ जाएगा और ऐसी दशा में कोला-बदायूं मार्ग पर यातायात फिर से अनिश्चित काल को बंद हो सकता है। फिलहाल, प्रशासन की यही कोशिश है कि नदियों के जिन तटवर्ती गांवोंकी ओर पानी बढ़ रहा है, वहां केबाशिंदों को जल्द से जल्द वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
वरिष्ठ जल लेखा सहायक/तार बाबू यासीन अली के अनुसार पहाड़ पर हो रही भारी वर्षा का सिलसिला जब तक जारी रहेगा, नदियों के घटने की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि, स्थानीय नदियों में शुमार गर्रा और खन्नौत का जल स्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन रामगंगा में विभिन्न बैराजों से आज फिर 23 हजार 367 क्यूसेक पानी बहा दिया गया। इस कारण बरेली के चौबारी में दस सेमी बढ़ चुकी रामगंगा और चढ़ने के आसार हैं।