बेटे को भी बड़ा डकैत बनाना है उसकी बड़ी तमन्ना ख्वाब
- बेटा जानता है घुड़सवारी, राइफल चलाना
- मुठभेड़ के दौरान भी था गिरोह के साथ
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। कोई भी पिता अपने पुत्र को सही शिक्षा देकर ऐसे रास्ते पर चलने को कहता है जहां उसका नाम रोशन हो सके, लेकिन 17 लाख की फिरौती वसूल कर चर्चा में आया बबलू उर्फ अरविंद तिवारी खुद तो कटरी का बेताज बादशाह बनने के साथ ही अपने बड़े बेटे को भी गिरोह का सरगना बनाना चाहता है। आज पुलिस से मुठभेड़ के दौरान भी उसका पुत्र साथ ही था और पुलिस को चकमा देकर मौके से भाग निकला। बबलू ने उसे एक घोड़ी खरीदकर दे रखी है। वह घुड़सवारी और राइफल चलाने में एक्सपर्ट है।
बंडा के गांव कुरसंडा रायपुर निवासी बबलू चार भाइयों में सबसे छोटा है। उसकी शादी सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव ढकिया से हुई थी। बेहद कम पढ़ा लिखे बबलू ने जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही असामाजिक तत्वों के साथ उठना बैठना शुरू कर दिया था। उसकी गलत संगत से परिवार के लोग नाराज रहते थे, लेकिन वह दबंगई के चलते परिवार में किसी की नहीं चलने देता था। वर्ष 2007 में बबलू के पास तमंचा बरामद कर जेल भेजा गया था। यह उसके खिलाफ पहला मुकदमा था। उसके बाद बबलू परौर क्षेत्र में जाकर रहने लगा।
परौर में उसकी मुलाकात दूसरे बदमाशों से हुई तो उसके मन में बड़ा गिरोह बनाकर कल्लू की तरह कटरी किंग बनने इच्छाएं जोर मारने लगीं। उसके संबंध एटा, बदायूं, फर्रूखाबाद और कटरी में सक्रिय दूसरे बदमाशों से हो गए। वर्ष 2011 में परौर पुलिस ने भी उसे तमंचे सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा। जेल से छूटकर आने के बाद बबलू ने एटा के कासगंज निवासी रामसनेही के साथ मिलकर अपना गिरोह तैयार कर लिया और खुद उसका मुखिया बन बैठा। गिरोह में उसने पुश्तैनी गांव के तीन लोगों के अलावा भतीजे रिंकू को भी शामिल कर लिया। छोटे मोटे अपराधों के बाद उसने अपने पुश्तैनी गांव के रामसुख का अपहरण कर भारी फिरौती वसूलने की योजना बनाई और उसमें कामयाब भी रहा।
चार बच्चों का बाप बबलू अपने बेटे को बड़े गिरोह का मुखिया बनाना चाहता था। इसके लिए उसने लड़के को घुड़सवारी में दक्ष करने के साथ ही असलहे चलाने की ट्रेनिंग भी दी। उसका यह 14 वर्षीय पुत्र बेहद शातिर बताया जाता है और गिरोह की हर योजना में शामिल रहता है। आज हुई मुठभेड़ के दौरान भी वह गिरोह के लोगों के साथ मौके पर मौजूद था, लेकिन फायरिंग होते ही मौके से भाग निकला।